फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Organ Donation: अंगदान को बढ़ाने के लिए केंद्र की राज्यों को सलाह, ब्रेन स्टेम डेथ मामलों की करें निगरानी

Sun, 05 May 2024 06:29 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि भारत में अंगदान की दर लगातार कम ही बनी हुई है। इसका मुख्य कारण है, ब्रेन स्टेम डेथ (बीएसडी) मामलों की खराब पहचान और प्रमाणीकरण।
विज्ञापन
अंग प्रत्यारोपण (सांकेतिक) - फोटो : एएनआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र ने अंगदान दर को बढ़ाने के लिए राज्यों को सलाह दी है। केंद्र ने राज्यों से कहा कि वे आईसीयू रोगियों में ब्रेन स्टेम से होने वाली मौतों के मामले की निगरानी करें। केंद्र ने बताया कि इनकी खराब पहचान और प्रमाणीकरण के कारण देश में अंगदान दर निम्न स्तर पर है। बता दें, सलाह का एकमात्र उद्देश्य है- देश में अंगदान की दर को बढ़ाना, जो प्रति दस लाख आबादी पर एक दाता से भी कम है। 

विज्ञापन


संभावित ब्रेन स्टेम डेथ के मामलों की पहचान करना आवश्यक 
राष्ट्रीय अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (एनओटीटीओ) के निदेशक डॉ. अनिल कुमार ने राज्यों को लिखे पत्र में कहा कि भारत में अंगदान की दर लगातार कम ही बनी हुई है। इसका मुख्य कारण है, ब्रेन स्टेम डेथ (बीएसडी) मामलों की खराब पहचान और प्रमाणीकरण। मानव अंग ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम, 1994 के तहत, आईसीयू में संभावित ब्रेन स्टेम डेथ के मामलों की पहचान करना आवश्यक है। इसके अलावा पत्र में कहा गया कि यह जांचना महत्वपूर्ण है कि क्या उन्होंने अंगदान का संकल्प लिया था। अगर नहीं तो परिजनों को कानून के तहत अंगदान के बारे में जागरुक करें। 

वॉर्ड के सामने आवश्यक अनुरोध का डिस्पले बोर्ड भी लगाएं
पत्र में कुमार ने कहा कि आईसीयू, आपातकालीन वार्ड के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण वॉर्ड के सामने आवश्यक अनुरोध का डिस्पले बोर्ड भी लगाया जाए। पत्र में उन्होंने कहा कि मैं देश के अंगदान दर को बढ़ाने के लिए आपका सहयोग और समर्थन चाहता हूं, जिससे मृतक अंगदान के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। 

ब्रेन स्टेम डेथ क्या होता है

विज्ञापन

सामान्य तौर पर ब्रेन डेड या मस्तिष्क मृत्यु भी कहा जाता है। ब्रेन स्टेम दिमाग का निचला हिस्सा होता है जो रीढ़ की हड्डी से जुड़ा होता है। बीएसडी स्थिति में मरीज के शरीर और आंखों की पुतलियों की क्रिया बंद हो जाती है। हालांकि, हृदय व बाकी अंग जीवित होते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें