केंद्र सरकार ने बुधवार को किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने रबी की फसलों के लिए न्यूयनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में इजाफा किया है। इस फैसले का मकसद किसानों को उनकी उपज के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (सीसीईए) ने मार्केटिंग सीजन 2025-26 के दौरान रबी फसलों के लिए एमएसपी में वृद्धि को मंजूरी दी है। कैबिनेट समिति की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज इसकी घोषणा की।
गेहूं के लिए एमएसपी में 150 रुपये का इजाफा
एक अधिसूचना जारी कर सरकार ने बताया कि गेहूं के लिए एमएसपी 2275 रुपये से बढ़ाकर 2425 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। वहीं, जौ का एमएसपी 1850 रुपये से बढ़ाकर 1980 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।
चना पर 210 रुपये अधिक मिलेंगे
चने पर एमएसपी 5440 रुपये से बढ़ाकर 5650 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। दाल (मसूर) पर एमएसपी 6425 रुपये से बढ़ाकर 6700 रुपये प्रति क्विंटल की गई है। सरसों पर एमएसपी 5650 रुपये से बढ़ाकर 5950 रुपये प्रति क्विंटल की गई। वहीं, सूरजमुखी पर एमएसपी 5800 रुपये से बढ़ाकर 5940 रुपये प्रति क्विंटल की गई है।
रबी फसलों के लिए एमएसपी में यह बढ़ोतरी केंद्र सरकार के 2018-19 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप है, जिसमें एमएसपी को उत्पादन की कुल लागत से कम से कम डेढ़ गुना तय करने की बात की गई थी। एमएसपी में बढ़ोतरी से किसानों न केवल फसलों के लिए बेहतर कीमत मिलेगी, बल्कि यह फसल विविधता को भी प्रोत्साहित करेगा। इससे कृषि क्षेत्र में स्थिरता आएगी और किसानों की आय में सुधार होगा।
इस नई एमएसपी वृद्धि से उम्मीद की जा रही है कि किसान अपनी उपज पर औसत उत्पादन लागत से 105 फीसदी अधिक लाभ हासिल कर सकेंगे। इसी तरह, सरसों पर 98 फीसदी, मसूर पर 89 फीसदी, चना और जौ पर 60 फीसदी और सूरजमुखी पर 50 फीसदी होगा।