महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख
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महाराष्ट्र के पूर्व गृहमंत्री अनिल देशमुख की जांच रिपोर्ट लीक करने के लिए सीबीआई के उप निरीक्षक अभिषेक तिवारी को आईफोन 12 प्रो रिश्वत के तौर पर दिया गया था। देशमुख के वकील आनंद डागा ने जांच रिपोर्ट लीक करने के लिए उन्हें रिश्वत दी थी।
देशमुख की जांच रिपोर्ट लीक करने का मामला
उप-निरीक्षक अभिषेक तिवारी और वकील आनंद डागा को देशमुख के खिलाफ जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। अनिल देशमुख ने अप्रैल में मुंबई के पूर्व पुलिस प्रमुख परमबीर सिंह द्वारा भ्रष्टाचार का आरोप लगाए जाने के बाद पद छोड़ दिया था।
सीबीआई ने अपनी एफआईआर में कहा है कि अभिषेक तिवारी अनिल देशमुख के खिलाफ मामले की जांच के सिलसिले में पुणे गए थे। ऐसी जानकारी मिली कि वह वकील आनंद डागा से भी मिले और डागा ने सूचना देने के एवज में उन्हें एक आईफोन रिश्वत के तौर पर दी।
यही नहीं, वह डागा नियमित तौर पर रिश्वत दे रहा था। एफआईआर की प्रति में लिखा है कि जांच अधिकारी आरएस गुंजियाल के नेतृत्व में डीएसपी और संदिग्ध अभिषेक तिवारी भी पूर्व मंत्री से पूछताछ के लिए 6 अप्रैल को मुंबई गए थे।
जमानत अर्जी दाखिल की
इस बीच, वकील अनिल डागा और सीबीआई के सब इंस्पेक्टर अभिषेक तिवारी ने दिल्ली की एक कोर्ट में जमानत अर्जी दायर की है।