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जबरन वसूली मामला: सीबीआई ने सत्येंद्र जैन, पूर्व जेल महानिदेशक पर FIR की अनुमति मांगी; MHA को भेजा अनुरोध

Mon, 13 Nov 2023 06:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

CBI: सीबीआई ने 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी संदीप गोयल और तिहाड़ में अतिरिक्त महानिरीक्षक के पद पर तैनात सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मुकेश प्रसाद के खिलाफ अनिवार्य मंजूरी के लिए अनुरोध भेजा है।
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सीबीआई (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : ANI
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर सहित विभिन्न हाई प्रोफाइल कैदियों से कथित तौर पर करोड़ों रुपये की उगाही करने के मामले में दिल्ली के पूर्व जेल महानिदेशक संदीप गोयल और पूर्व आईएएस अधिकारी मुकेश प्रसाद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए गृह मंत्रालय से मंजूरी मांगी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि जेल में आरामदायक जिंदगी के बदले में सुकेश चंद्रशेखर समेत हाई-प्रोफाइल कैदियों से करोड़ों रुपये की कथित उगाही के मामले में सीबीआई ने दिल्ली के पूर्व जेल मंत्री सत्येंद्र जैन और पूर्व जेल महानिदेशक संदीप गोयल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए सरकार से मंजूरी मांगी है। जैन और जेल अधिकारी राजकुमार के खिलाफ मंजूरी का अनुरोध उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के कार्यालय को भेजा गया है, जबकि निलंबित आईपीएस अधिकारी गोयल और सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मुकेश प्रसाद के लिए केंद्रीय एजेंसी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से संपर्क किया है।

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अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई ने 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी संदीप गोयल और तिहाड़ में अतिरिक्त महानिरीक्षक के पद पर तैनात सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी मुकेश प्रसाद के खिलाफ अनिवार्य मंजूरी के लिए अनुरोध भेजा है। गोयल को उनके खिलाफ वसूली के आरोप लगने के बाद पिछले साल गृह मंत्रालय ने निलंबित कर दिया था। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई को उनके खिलाफ जांच शुरू करने से पहले भ्रष्टाचार निरोधक कानून की धारा 17ए के तहत कैडर नियंत्रण प्राधिकार गृह मंत्रालय से मंजूरी की जरूरत है।
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सीबीआई ने आरोप लगाया है कि गोयल और प्रसाद ने पूर्व जेल मंत्री सत्येंद्र जैन के साथ मिलकर पिछले कुछ वर्षों से विचाराधीन कैदी के रूप में बंद कैदी चंद्रशेखर से 12.50 करोड़ रुपये की उगाही की और उसे प्राप्त किया। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि 2019-22 के दौरान खुद या अपने सहयोगियों के माध्यम से संरक्षण राशि के रूप में धन की उगाही की गई और विभिन्न किस्तों में प्राप्त की गई, ताकि चंद्रशेखर जेल में शांति से और आराम से रह सके।  
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