आम आदमी पार्टी की पूर्व नेता संतोष कोली की कथित हत्या के मामले में राष्ट्रीय एससी कमीशन ने सीबीआई जांच कराने की सिफारिश कर दिया है। कमीशन ने प्राथमिक तौर पर इस बात को स्वीकार कर लिया है कि संतोष कोली की मौत का मामला संदिग्ध लग रहा है और इसमें साजिश हो सकती है।
कमीशन के वाइस चेयरमैन एल मुरुगन ने इस मामले में सुनवाई करने के बाद कहा है कि संतोष कोली की हत्या के मामले में उसके परिवार वालों के आरोप में सच्चाई लग रही है, क्योंकि अभी तक स्थानीय पुलिस इस मामले में किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। संभव है कि परिवार के आरोप के मुताबिक इस मामले में राजनीतिक दबाव पड़ रहा हो। कमीशन के मुताबिक, इसलिए इस मामले में एक स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की आवश्यकता है जिससे एक एससी महिला (संतोष कोली की मां कलावती) को न्याय मिल सके जो कि उसका अधिकार है।
बता दें कि संतोष कोली की मां कलावती ने अपनी बेटी की हत्या में सीधे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया है। कलावती का कहना है कि साजिश के तहत उनकी बेटी को उसकी इच्छा के खिलाफ कौशांबी ले जाया गया। वहां से उसे एक बुलेट पर बैठाकर दूसरी जगह ले जाया जा रहा था और इसी बीच उसकी हत्या कर दी गई। कलावती के मुताबिक हत्या के बाद उन्हें उनकी बेटी की मौत की जानकारी तक नहीं दी गई।
इस मामले में कलावती के वकील पंकज मिश्रा ने कहा कि इस मामले में कुछ पेंच बेहद संदिग्ध हैं जो कलावती की बात को पुख्ता करते हैं। उनके मुताबिक जैसा बताया गया है, संतोष कोली की एक्सीडेंट के बाद कोई भी गवाह सामने नहीं आया जिसने एक्सीडेंट होते हुए देखा हो। पंकज मिश्रा के मुताबिक इस मामले में सबसे संदिग्ध बात यह है कि एक ही एक्सीडेंट में संतोष कोली की मौत हो जाती है, लेकिन उसी मोटरसाइकिल को चला रहे युवक को कोई चोट तक नहीं आती। यहां तक कि मोटरसाइकिल भी जलकर राख हो जाती है, लेकिन उसे चलाने वाले को कोई नुकसान नहीं पहुंचता। ये ऐसे बिंदु हैं जो मामले को संदिग्ध बनाते हैं। इसीलिए उन्होंने कमीशन से इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी जिसे कमीशन ने स्वीकार कर लिया। कमीशन ने इस मामले में 60 दिनों के अंदर जांच कर अपनी रिपोर्ट देने को कहा है।
मनोज तिवारी ने कहा, दिलाएंगे न्याय
भाजपा के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि इस लड़ाई में वे संतोष कोली की मां कलावती के साथ हैं। वे पूरी कोशिश करेंगे कि इस मामले में परिवार को न्याय मिले।