पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हुई हिंसा की घटनाओं की जांच में जुटी है सीबीआई।
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद हिंसा के मामलों की जांच में चौथा आरोपपत्र दाखिल किया है। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से शनिवार को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्यों द्वारा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक कार्यकर्ता की कथित हत्या के संबंध में नदिया जिले की कृष्णानगर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया गया। उन्होंने कहा कि आरोप पत्र में दो मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ता की हत्या में कथित रूप से शामिल दो आरोपियों के नाम हैं।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने पिछले महीने सीबीआई को चुनाव बाद हिंसा के मामलों की जांच करने का निर्देश दिया था। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद की गई हत्याओं और अन्य जघन्य अपराधों के संबंध में अब तक सीबीआई ने 34 प्राथमिकी दर्ज की हैं। सीबीआई पहले ही उत्तर 24 परगना के भाटपाड़ा और बीरभूम जिले के नलहाटी तथा रामपुरहाट में हुई घटनाओं के संबंध में विभिन्न अदालतों में तीन आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है।
इस हफ्ते की शुरुआत में ही सीबीआई ने चुनाव के बाद हुई हिंसा की जांच करते हुए हावड़ा से छह लोगों को हिरासत में लिया था। बताया गया था कि हिरासत में लिए गए लोगों पर विभिन्न आपराधिक घटनाओं में शामिल होने का आरोप लगे थे। सूत्रों ने बताया कि सीबीआई अधिकारियों की टीम सोमवार को सुबह हावड़ा पहुंची और सभी छह लोगों को डोमजुर इलाके से हिरासत में लिया।
सीबीआई जांच के कलकत्ता हाईकोर्ट के फैसले को दे चुकी है चुनौती
बता दें कि कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 19 अगस्त को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) की मामले में तैयार रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए चुनाव के बाद कथित दुष्कर्म और हत्या की घटनाओं की जांच सीबीआई से कराने का आदेश दिया था। पश्चिम बंगाल सरकार ने अदालत की निगरानी में मामलों की सीबीआई जांच कराने के कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी है।