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धोखाधड़ी मामला: सात साल बाद CBI ने प्रणय और राधिका रॉय के खिलाफ दाखिल की क्लोजर रिपोर्ट, नहीं मिले पुख्ता सबूत

Tue, 01 Oct 2024 10:21 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

सीबीआई ने 2017 में क्वांटम सिक्योरिटीज लिमिटेड के संजय दत्त नामक एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि रॉय से जुड़े आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने सार्वजनिक खुली पेशकश के जरिए एनडीटीवी में 20 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए इंडिया बुल्स प्राइवेट लिमिटेड से 500 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।
 
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सीबीआई - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को एनडीटीवी के पूर्व प्रवर्तकों और निदेशकों प्रणय रॉय व राधिका रॉय के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की। उसे 2009 में एक ऋण के निपटान में आईसीआईसीआई बैंक को हुए 48 करोड़ रुपये के नुकसान में कानूनी रूप से पुख्ता सबूत नहीं मिले।

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सीबीआई ने 2017 में क्वांटम सिक्योरिटीज लिमिटेड के संजय दत्त नामक एक व्यक्ति की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि रॉय से जुड़े आरआरपीआर होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड ने सार्वजनिक खुली पेशकश के जरिए एनडीटीवी में 20 फीसदी हिस्सेदारी हासिल करने के लिए इंडिया बुल्स प्राइवेट लिमिटेड से 500 करोड़ रुपये का ऋण लिया था।

प्राथमिकी के मुताबिक आरआरपीआर होल्डिंग्स ने इंडिया बुल्स से ऋण चुकाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक से 19 फीसदी प्रति वर्ष की ब्याज दर पर 375 करोड़ रुपये का ऋण (जिसमें से 350 करोड़ रुपये वितरित) लिया। 
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शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रॉय दंपती ने इस ऋण के लिए अपनी पूरी शेयरधारिता को गिरवी रख दिया। इस गिरवी रखी गई संपत्ति की सूचना भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी), स्टॉक एक्सचेंजों या सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नहीं दी। 2022 में, अदाणी समूह ने एनडीटीवी में नियंत्रण हिस्सेदारी हासिल कर ली, और अल्पसंख्यक शेयरधारकों को भुगतान की गई कीमत से लगभग 17 फीसदी अधिक कीमत पर रॉय परिवार से शेयर खरीदे। सात साल से अधिक की जांच के बाद, सीबीआई ने एक विशेष अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की है। अब अदालत तय करेगी कि रिपोर्ट को स्वीकार किया जाए या एजेंसी को अपनी जांच जारी रखने का निर्देश दिया जाए।

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