माता-पिता से रिश्वत लेकर और फर्जी प्रमाणपत्र के जरिए अयोग्य छात्रों को केंद्रीय विद्यालय में दाखिला देने का मामला सामने आया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मामले में विशाखापत्तनम स्थित केंद्रीय विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गुरुवार को अधिकारियों द्वारा दी जानकारी में कहा गया कि 193 अयोग्य छात्रों को विभिन्न विभागों द्वारा जारी किए गए फर्जी सेवा प्रमाण पत्रों के आधार पर प्रवेश दिया गया था। यहां तक कि छात्रों के माता-पिता से रिश्वत लेने का मामला भी सामने आया है ।
क्या है मामला?
शैक्षणिक वर्ष 2021-22 में 69 और 2022-23 के दौरान 124 अयोग्य छात्रों को प्रवेश दिया गया था। सीबीआई ने विद्यालय के प्रधानाचार्य एस श्रीनिवास राजा के खिलाफ दो एफआरआई दर्ज की है।
सीबीआई के अनुसार, प्रधानाचार्य ने यह साजिश रची थी।आवेदनों और सेवा प्रमाणपत्रों को सत्यापित किए बिना छात्रों को विभिन्न कक्षाओं में प्रवेश दिया गया था।
कैसे सामने आया मामला?
केंद्रीय विद्यालय में संयुक्त औचक निरीक्षण के दौरान मामला सामने आया। इसी दौरान सीबीआई को विद्यालय में फर्जी दाखिले की बात पता चली। मामले की जांच करने पर पता चला कि प्रधानचार्य राजा ने अयोग्य छात्रों के माता-पिता के साथ साजिश रची और विभिन्न कक्षाओं में अयोग्य छात्रों को दाखिला दे दिया। जिसके लिए उसने माता-पिता से पैसे की वसूली भी की थी। आरोपी राजा के खिलाफ केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त से मंजूरी मिलने के बाद कार्रवाई शुरू की गई थी।