कावेरी जल विवाद पर बोलते हुए तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने कहा कि तमिलनाडु के सभी दल केंद्रीय जल शक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को एक ज्ञापन सौंपेंगें। जिसके लिए राज्य से एक प्रतिनिधिमंडल भेजा जायेगा। कावेरी जल की मांग के लिए जो प्रतिनिधिमंडल भेजा जायेगा, उसका नेतृत्व तमिलनाडु के जल संसाधन मंत्री दुरईमुरुगन करेंगे। इस ज्ञापन के जरिए केंद्र से आग्रह करेंगे कि वह कर्नाटक राज्य को तमिलनाडु के लिए कावेरी नदी का पानी छोड़ने की सलाह दें।
स्टालिन बोले, कर्नाटक की दलीलें अप्रमाणित
तमिलनाडु को पानी छोड़ने के खिलाफ कर्नाटक ने जो दलीलें केंद्र को दी है, वो सभी त्रुटिपूर्ण और अप्रमाणित हैं। जिसके कारण उन पर बिल्कुल भी विचार नहीं किया जाना चाहिए। इसी के साथ सीएम स्टालिन कहते हैं कि यह पहलू भी ज्ञापन का हिस्सा होगा।
वहीं, मुख्यमंत्री ने कर्नाटक पर निराधार दावे करने और तमिलनाडु के पानी के अनुरोध के खिलाफ केंद्र को पत्र लिखने का आरोप लगाया। कर्नाटक ने बयान जारी कर दावा किया कि तमिलनाडु का पानी की मांग अनुचित है।आपको बता दें कि 13 सितंबर को कर्नाटक ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री शेखावत को पत्र लिखकर कहा था कि पूर्वोत्तर मानसून के दौरान तमिलनाडु को पर्याप्त पानी मिलेगा और राज्य के कावेरी डेल्टा में आवश्यक भूजल है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी
भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 13 सितंबर से 15 दिनों के लिए कर्नाटक के कावेरी जलग्रहण क्षेत्रों में सामान्य वर्षा की भविष्यवाणी की है। सीडब्ल्यूआरए (कावेरी जल नियामक प्राधिकरण) ने वर्षा की भविष्यवाणी को सही माना है। शेखावत से आग्रह किया जाएगा कि वह सीडब्ल्यूएमए (कावेरी जल प्रबंधन प्राधिकरण) को सलाह दें कि वह कर्नाटक को तमिलनाडु के लिए 12,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दें।
पानी के लिए हो आनुपातिक आधार
कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण और सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए, स्टालिन ने कहा कि बारिश की कमी वाले वर्ष में, पानी को राज्यों के बीच "आनुपातिक" आधार पर साझा किया जाना चाहिए।