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Karnataka: 'सर्वे व्यवस्थित रूप से नहीं किया गया', येदियुरप्पा बोले- नए सिरे से जातिगत जनगणना कराए राज्य सरकार

Sun, 24 Dec 2023 02:58 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू

सार

कर्नाटक के दो समुदाय वोक्कालियाग और लिंगायत ने जाति जनगणना पर अस्वीकृति व्यक्त की है। उन्होंने इसे अवैज्ञानिक करार देते हुए इसे खारिज कर नए सिरे से सर्वे कराने की मांग की है।
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BS Yediyurappa - फोटो : Social Media
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विस्तार
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भाजपा नेता बीएस येदियुरप्पा ने रविवार को कहा कि उन्हें लगता है कि जाति जनगणना व्यवस्थित रूप से नहीं किया गया है, इसलिए उन्होंने कांग्रेस सरकार से इसे एकबार फिर नए सिरे से सर्वेक्षण कराने और तथ्यों को जनता के सामने लाने का आग्रह किया है।
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येदियुरप्पा ने की नए सिरे सर्वे कराने की मांग
कर्नाटक के दो समुदाय वोक्कालियाग और लिंगायत ने इस सर्वेक्षण पर अस्वीकृति व्यक्त की है। उन्होंने इसे अवैज्ञानिक करार देते हुए इसे खारिज कर नए सिरे से सर्वे कराने की मांग की है। येदियुरप्पा ने कहा, 'सबके दिमाग में एक ही बात चल रही है कि सर्वे व्यवस्थित रूप से नहीं किया गया है। मेरी भी यही राय है, इसलिए एक नए सिरे से सर्वे किया जाना चाहिए और तथ्यों को जनता के सामने लाना चाहिए। मैं राज्य सरकार से इस मुद्दे पर ईमानदारी से प्रयास करने का अनुरोध करता हूं।'

सिद्धारमैया बोले रिपोर्ट मिलने के बाद लूंगा फैसला
कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री येदियुरप्पा लिंगायत समुदाय से ही ताल्लुक रखते हैं। 2015 में तत्कालीन येदियुरप्पा की कांग्रेस सरकार ने 170 करोड़ की अनुमानित लागत से जाति जनगणना शुरू किया था। सर्वे का काम 2018 में खत्म हुआ, लेकिन इसे स्वीकार नहीं किया गया और न ही इसे सार्वजनिक किया गया। बिहार सरकार द्वारा हाल ही में अपने जाति सर्वेक्षण के निष्कर्ष जारी करने के बाद, इसे सार्वजनिक करने के लिए उनके ऊपर दवाब बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सीएम सिद्धारमैया ने कहा कि वह रिपोर्ट मिलने के बाद ही कोई निर्णय लेंगे। 
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हिजाब विवाद पर येदियुरप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को समुदायों के बीच जहर के बीज बोना बंद करना चाहिए। इससे न तो उन्हें फायदा होगा और न ही उनकी पार्टी को। सिद्धारमैया ने शनिवार को कहा कि प्रशासन ने केवल शैक्षणिक संस्थानों में हिजाब पहनने पर प्रतिबंध हटाने पर विचार कर रही है। सरकारी स्तर पर चर्चा करने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। 
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