केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के वे जवान, जो किसी आतंकी या नक्सल ऑपरेशन के दौरान शहीद हो जाते हैं, उन्हें केंद्र सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने बाबत कोई निर्णय नहीं लिया गया है। कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा इस बाबत राष्ट्रपति और पीएमओ से लेकर विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों के यहां गुहार लगाई गई है। मंगलवार को एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की राज्यपाल अनुसुइया उइके से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा है। राज्यपाल ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि इस पर वे राज्य सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय से बातचीत करेंगी।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह बताते हैं कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवान दुश्मनों से लड़कर देश के गौरव की रक्षा करते हैं, राष्ट्र का सम्मान बढ़ाते हैं। ये अलग बात है कि सीएपीएफ का जवान जब अपने कर्तव्य की राह पर शहीद हो जाता है तो उसके निकटतम संबंधियों को बतौर केंद्रीय अनुग्रह 35 लाख रुपये की एकमुश्त क्षतिपूर्ति राशि मिलती है। दूसरी तरफ एक खिलाड़ी जब देश के लिए पदक लाता है तो उसे करोड़ों रुपये मिल जाते हैं। सरकार जानबूझकर सम्मान राशि में बढ़ोतरी नहीं कर रही है। इससे सीएपीएफ जवानों में रोष व्याप्त है।