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Canada Row: P20 सम्मेलन में शामिल नहीं हुईं कनाडाई स्पीकर; राजनयिक उपस्थिति की समानता पर भारत ने फिर दिया जोर

Thu, 12 Oct 2023 10:37 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इससे पहले गैग्ने ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में आयोजित हुए पार्लियामेंट-20 की बैठक में आने के लिए सहमति दी थी। संसदीय सूत्रों ने कनाडाई स्पीकर के बदले हुए कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कनाडाई स्पीकर शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले रही हैं। कार्यक्रम बदलते रहते हैं। 
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भारत कनाडा विवाद - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद शुरू हुए आरोप प्रत्यारोप के बाद भारत और कनाडा के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। दोनों देशों के बीच  चल रहे राजनयिक विवाद के बीच खबर आई है कि कनाडाई सीनेट की अध्यक्ष रेमोंडे गैगने ने जी20 देशों की संसदों के पीठासीन अधिकारियों के शिखर सम्मेलन में भाग नहीं लेने का फैसला किया है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कनाडा से अपनी राजनयिक उपस्थिति को कम करने को कहा है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत इस दिशा में जो भी कदम उठा रहा है वह वियना सम्मेलन के मुताबिक ही है। 

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गैग्ने नहीं आएंगी भारत
बता दें कि इससे पहले गैग्ने ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में आयोजित हुए पार्लियामेंट-20 की बैठक में आने के लिए सहमति दी थी। संसदीय सूत्रों ने कनाडाई स्पीकर के बदले हुए कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि कनाडाई स्पीकर शिखर सम्मेलन में भाग नहीं ले रही हैं। कार्यक्रम बदलते रहते हैं। 

विदेश मंत्रालय ने दी प्रतिक्रिया
वहीं, जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची से कनाडाई स्पीकर के कार्यक्रम में शामिल नहीं होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि हम सभी सदस्यों को जी20 कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित करते हैं। इस मामले में पी20 भागीदारी उनका निर्णय है। यह कई कारकों पर निर्भर है और आपको उनसे पूछना चाहिए। 
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 राजनयिक उपस्थिति में 'समानता' पर भारत ने फिर दिया जोर
इस बीच, भारत ने गुरुवार को एक बार फिर देश में कनाडा की राजनयिक उपस्थिति में 'समानता' सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह जो कर रहा है वह राजनयिक संबंधों पर वियना सम्मेलनों के अनुपालन में हैं।  

बागची ने कहा कि मैं वास्तव में नहीं जानता कि यह मुख्य मुद्दे को संबोधित करने में कैसे मदद करता है। मुख्य मुद्दा क्या है - (यह) कनाडा द्वारा आतंकवादी और आपराधिक तत्वों को दी गई जगह है। बता दें कि ट्रूडो ने हाल ही में जॉर्डन के राजा और यूएई के राष्ट्रपति के साथ कनाडा-भारत राजनयिक विवाद पर चर्चा की थी। इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों का सम्मान किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, "अपनी ओर से, मैं आश्वस्त कर सकता हूं कि भारत जो कुछ भी कर रहा है वह राजनयिक संबंधों पर वियना सम्मेलनों के अनुपालन में है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत राजनयिक उपस्थिति में समानता लाने  के तौर-तरीकों पर कनाडा के साथ बातचीत कर रहा है।
प्रेस कांफ्रेंस के दौरान फाइनेंशियल टाइम्स अखबार की एक रिपोर्ट के बारे में पूछे जाने पर कि कनाडाई विदेश मंत्री मेलानी जोली ने पिछले महीने वाशिंगटन में अपने भारतीय समकक्ष एस जयशंकर के साथ "गुप्त बैठक" की थी। इस पर बागची ने कहा कि इस बारे में उनके पास कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम विभिन्न स्तरों पर कनाडाई लोगों के साथ संपर्क में हैं। किसी विशिष्ट बातचीत के संबंध में, मेरे पास साझा करने के लिए कोई विशेष जानकारी नहीं है।

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