सरकारी टेलीकॉम कंपनी बीएसएनल के लिए अच्छी खबर है। कभी उपभोक्ताओं की कमी से जूझने वाली इस कंपनी में अब तेजी से नए यूजर्स जुड़ने लगे है। ट्राई के अनुसार, देश की अन्य प्राइवेट कंपनियां (जियो, एयरटेल और वीआई यानी वोडाफोन आइडिया) के यूजर्स की संख्या में कमी आई है। जबकि सरकारी कंपनी बीएसएनएल के तेजी यूजर्स बढ़ रहे हैं। जुलाई में बीएसएनएल से करीब 30 लाख नए यूजर्स जुड़े हैं।
तेजी से बीएसएनएल के यूजर्स में बढ़ोतरी
यूजर्स में बढ़ोतरी की वजह इसका टैरिफ प्लान सस्ता होना है। दरअसल, जुलाई की शुरुआत में प्राइवेट दूरसंचार कंपनियों ने अपने टैरिफ प्लान काफी महंगे किए थे। इनकी कीमत 11 से 25 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी, लेकिन बीएसएनएल ने अपने किसी भी प्रकार के टैरिफ प्लान में कोई बढ़ोतरी नहीं की थी। इस कारण काफी यूजर्स ने अपने नंबर प्राइवेट कंपनियों से बीएसएनएल में पोर्ट करा लिए। ऐसे में बीएसएनएल से जुड़ने वाले यूजर्स की संख्या बढ़ गई है।
बीएसएनएल ने एक्टिव यूजर्स के मामले में भी तीनों प्राइवेट टेलीकॉम कंपनियों को पीछे छोड़ दिया है। बीएसएनएल के जुलाई में 2.91 मिलियन ग्राहक बढ़कर 49.49 मिलियन हो गए। वहीं वीआई ने 3.03 मिलियन, एयरटेल ने 1.17 मिलियन और जियो ने 210,000 एक्टिव यूजर्स खो दिए। बीएसएनएल अभी अपने यूजर्स को 5जी सेवाएं नहीं देता है।
इसके लिए यह कंपनी तेजी से काम कर रही है। कंपनी ने अपने नए 4जी प्लान पेश किए हैं। बीएसएनएल ने मार्च 2025 तक पूरे भारत में अपनी 4G सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य रखा है। इसके बाद 6 से 8 महीनों के अंदर ही कंपनी 5G सेवाएं भी शुरू कर देगी। सरकार ने बीएसएनएल के लिए 2025 के अंत तक 25 फीसदी ग्राहक बाजार हिस्सेदारी हासिल करने का लक्ष्य भी तय किया है।
इस प्राइवेट कंपनी को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
इसमें सबसे ज्यादा भारती एयरटेल को 16.9 लाख मोबाइल सब्सक्राइबर का नुकसान हुआ। इसी तरह वोडाफोन आइडिया के सब्सक्राइबर्स की संख्या में 14.1 लाख की और रिलायंस जियो के ग्राहकों की संख्या में 7.58 लाख की कमी आई। टैरिफ प्लान में हाइक के बाद पूर्वोत्तर, महाराष्ट्र, राजस्थान, मुंबई, कोलकाता, तमिलनाडु, पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, यूपी ईस्ट, हरियाणा और आंध्र प्रदेश टेलीकॉम सर्किलों में मोबाइल यूजर बेस में कमी आई।