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Bengal: 'दारिविट हाईस्कूल हिंसा मामले की जांच NIA को जल्द सौंपे', कलकत्ता हाईकोर्ट का राज्य सरकार को निर्देश

Wed, 03 Apr 2024 05:17 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

पश्चिम बंगाल के दारिविट हाईस्कूल में हिंसा की घटना के दौरान हुई दो युवकों की मौत और अन्य के घायल मामले की जांच एनआईए को सौंपने के पश्चिम बंगाल सरकार को कलकत्ता हाईकोर्ट ने निर्देश दिए हैं। 
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कलकत्ता हाईकोर्ट (फाइल फोटो) - फोटो : Social Media
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के दारिविट हाईस्कूल में हिंसा की घटना के दौरान हुई दो युवकों की मौत और अन्य के घायल मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की एक खंडपीठ ने राज्य सरकार से एकल पीठ के उस आदेश का पालन करने को कहा है, जिसमें घटना की जांच एनआईए को सौंपने के निर्देश दिए गए थे। 
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जांच एनआईए को सौंपे पश्चिम बंगाल सरकार- कोर्ट
मुख्य न्यायाधीश टीएस शिवगणनम की अध्यक्षता वाली पीठ ने एनआईए को जांच स्थानांतरित करने को चुनौती देने वाली पश्चिम बंगाल सरकार की अपील पर सुनवाई के लिए सहमति व्यक्त करने हुए एकल पीठ के आदेश पर कोई अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। खंडपीठ ने राज्य को बिना समय बर्बाद किए जांच एनआईए को स्थानांतरित करने के एकल पीठ के आदेश को लागू करने का निर्देश दिया हैं। 

मृतक, घायलों के परिजनों को मुआवजा देने के भी दिए थे निर्देश 
मई 2023 में अतिरिक्त महानिदेशक, सीआईडी को एक पत्र के जरिए कुछ दस्तावेज उपलब्ध कराने के एनआईए के अनुरोध का अभी तक अनुपालन नहीं किया गया है, अदालत ने राज्य के आपराधिक जांच विभाग को एक सप्ताह के भीतर ऐसा करने का निर्देश दिया है। राज्य सरकार को एकल पीठ के आदेश के मुताबिक, तारीख से तीन सप्ताह की अवधि के भीतर उचित दरों पर, मृतक और घायल दोनों व्यक्तियों के परिवारों को मुआवजा देने का भी निर्देश दिया। 
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क्या है मामला
गौरतलब है कि एकल पीठ ने 10 मई, 2023 को सितंबर 2018 में उत्तर दिनाजपुर जिले के दारिविट हाई स्कूल में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित गोलीबारी और बमबारी के मामले में दो युवकों की मौत की एनआईए जांच का आदेश दिया था। न्यायमूर्ति राजशेखर मंथा ने पश्चिम बंगाल सरकार को घटना में दो मृतकों के परिवारों और घायलों को दो महीने के भीतर मुआवजा देने का भी निर्देश दिया था।

संस्कृत और उर्दू शिक्षकों की भर्ती को लेकर विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में कॉलेज के छात्र तापस बर्मन और आईटीआई के छात्र राजेश सरकार की मौत हो गई थी। स्थानीय लोगों ने दावा किया था कि स्कूल को गणित और विज्ञान के लिए शिक्षकों की आवश्यकता है, न कि भाषा विषयों के लिए। घटना के दौरान पुलिस द्वारा गोलीबारी करने के आरोपों के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच राज्य सीआईडी को सौंप दी थी।
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