प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने बताया कि दंतेवाड़ा में हमारे 11 जवानों की शहादत हुई है, उनको कैबिनेट ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान शोक प्रस्ताव पारित किया गया। दो दिन के राष्ट्रीय शोक की भी घोषणा की गई है। इसके अलावा नेशनल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी 2023 को मंजूरी दी गई।
केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि आज देश में 157 नए सरकारी नर्सिंग कॉलेज खोलने का निर्णय लिया गया है। जहां मेडिकल कॉलेज है, वहां ही 10 करोड़ रुपए के सहयोग से एक नर्सिंग कॉलेज बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि देश में मेडिकल डिवाइस की मांग बढ़ी है। इस क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए नेशनल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी 2023 तैयार की गई है।
कैबिनेट ने मौजूदा मेडिकल कॉलेजों के साथ जिन 157 नए नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना को मंजूरी दी है, उसमें 1570 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके अलावा नेशनल मेडिकल डिवाइस पॉलिसी से चिकित्सा उपकरण क्षेत्र को अगले पांच वर्षों में वर्तमान 11 बिलियन डॉलर से 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं को सस्ती मिलेगी बिजली
सरकार ने बिजली आपूर्ति नियमों में संशोधन किया है। इससे न सिर्फ उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी बल्कि राज्य की वितरण कंपनियों को भी किफायती लागत पर मांग पूरी करने में मदद मिलेगी। बुधवार को आधिकारिक बयान में कहा गया कि विद्युत मंत्रालय ने बिजली उत्पादन की कुल लागत घटाने के लिए ‘डे-अहेड नेशनल लेवल मेरिट ऑर्डर डिस्पैच’ व्यवस्था की संशोधित संरचना को अंतिम रूप दिया है। उत्पादन की कुल लागत घटने से उपभोक्ताओं को कम दाम पर बिजली मिलेगी। बिजली क्षेत्र में मेरिट ऑर्डर शब्द का मतलब है कि बिजली उत्पादन में जिसकी लागत सबसे कम होगी, उसे रैंकिंग में ऊपर रखा जाता है।
तरल नैनो डीएपी और यूरिया का ज्यादा उपयोग करें किसान: शाह
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने बुधवार को किसानों से तरल नैनो डीएपी और यूरिया का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करने की अपील की। इनके व्यापक उपयोग से भारत उर्वरक उत्पादन में 'आत्मनिर्भर' बनेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। इफको के नैनो (तरल) डीएपी खाद को वाणिज्यिक बिक्री के लिए 600 रुपये प्रति 500 मिलीलीटर की बोतल को शाह ने लॉन्च किया। उन्होंने कहा, पारंपरिक डीएपी (डाय-अमोनियम फॉस्फेट) की वर्तमान कीमत के आधे से भी कम भाव पर यह उपलब्ध होगा। इससे तरल कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा।