कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध के दौरान ट्विटर पर भारत का गलत नक्शा पोस्ट कर दिया। थरूर की इस गलती के बाद सोशल मीडिया पर उन्हें जमकर ट्रोल किया गया। पोस्ट पर हो रहे विवाद के बाद होने के बाद थरूर ने शनिवार को ही पोस्ट को डिलीट कर दिया और दूसरा पोस्ट किया।
थरूर ने पहले जो नक्शा पोस्ट किया था, उसमें भारत के पूर्वी क्षेत्र को देश से अलग दिखाया गया था। इसमें उन्होंने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में शनिवार को कोझिकोड में होने वाली रैली की जानकारी दी थी।
कांग्रेस सांसद के इस पोस्ट के बाद एक ट्विटर यूजर ने लिखा कि यह पहली बार नहीं है और शायद आखिरी बार नहीं। वह कांग्रेस ही थी, जिसने पीओके को पाकिस्तान को दे दिया था। वे इसे अपनी उपलब्धि मानते हैं। वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा कि जो भारत का नक्शा ठीक से नहीं दिखा पाए, वो भारत को क्या बचाएंगे।
थरूर ने अपने ट्वीट पर सफाई दी
इस गलती पर आलोचना के बाद थरूर ने नए ट्वीट में कहा कि मैं नक्शे के जरिए किसी क्षेत्र को नहीं, बल्कि भारत के लोगों को दर्शाना चाहता था। सांसद ने कहा कि भाजपा के ट्रोल्स को और ज्यादा घास डालने की मेरी कोई इच्छा नहीं है।
कांग्रेस शुरुआत से ही नागरिकता कानून के विरोध में
नागरिकता संशोधन विधेयक के लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद से ही इसका विरोध कर रही है। नागरिकता कानून की मदद से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से धार्मिक उत्पीड़न के कारण वहां से भागकर आए हिंदू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म के लोगों को भारत की नागरिकता दी जाएगी। कांग्रेस का आरोप है कि मौजूदा सरकार ने कानून में मुस्लिमों से भेदभाव किया, जो कि संविधान का उल्लंघन है।