इससे पहले बुल्ली बाई एप के मुख्य क्रिएटर को दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑप्स) यूनिट ने गुरुवार को असम से गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
मुंबई की बांद्रा कोर्ट ने बुल्ली बाई केस में आरोपी श्वेता सिंह और मयंक रावत को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। दोनों को उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया था। सबसे पहले मंगलवार यानी 4 जनवरी को मुंबई की साइबर पुलिस ने ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर से श्वेता को गिरफ्तार किया था। उसी रात कोटद्वार से मयंक को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों को लेकर पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए मुंबई ले आई थी।
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उत्तराखंड से हिरासत में लिए गए दोनों आरोपी छात्र हैं। रुद्रपुर से गिरफ्तार हुई युवती 12वीं पास है और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। वहीं, कोटद्वार से हिरासत में लिया गया युवक दिल्ली के एक कॉलेज में पढ़ाई कर रहा है। बताया जा रहा है कि श्वेता ट्विटर पर तीन अकाउंट चला रही थी। ट्विटर के जरिये उसने समुदाय विशेष की महिलाओं की बोली लगवाई थी। वहीं, मयंक ने भी अपने ट्विटर अकाउंट से बुल्ली एप से संबंधित पोस्ट किया था।
जांच में सामने आया है कि श्वेता नेपाली युवक के संपर्क में थी। उसने अपना ट्विटर हैंडल (अकाउंट) का नाम बदला था। उसने एक जनवरी को बुल्ली एप के जरिये महिलाओं की बोली लगवाई थी।
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असम से भी हुई एक की गिरफ्तारी
इससे पहले बुल्ली बाई एप के मुख्य क्रिएटर को दिल्ली पुलिस, स्पेशल सेल की आईएफएसओ (इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑप्स) यूनिट ने गुरुवार को असम से गिरफ्तार किया था। आरोपी की पहचान जोरहाट, असम निवासी नीरज बिश्नोई (21) के रूप में हुई है। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे सात दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया था।
क्या है मामला
शनिवार को एक मुस्लिम महिला पत्रकार ने 'बुल्ली बाई एप' की शिकायत दक्षिण-पूर्व जिले के साइबर थाने को दी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। छानबीन में पता चला कि 'बुल्ली बाई एप' पर करीब 100 प्रभावशाली मुस्लिम महिलाओं की तस्वीरें डालकर उनकी बोली लगाई गई थी। हालांकि वास्तव में उनकी बोली नहीं लगी थी, उनको अपमानित करने और डराने के मकसद से ऐसा किया गया था। विवाद के बाद सोशल मीडिया पर मचे घमासान के बीच गिटहब से एप को हटा दिया गया।