आज संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। इस बीच, बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के सांसद दानिश अली ने भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संसद परिसर में प्रदर्शन किया।
यह है मामला
गौरतलब है, भाजपा सांसद ने पिछले संसद सत्र में चर्चा के दौरान अमरोहा से बसपा सांसद कुंवर दानिश अली पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी, जिसका बाद में वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले को लेकर दानिश अली ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर बड़ा आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि भाजपा सदस्य रमेश बिधूड़ी के खिलाफ उनकी शिकायत को लेकर उनके खिलाफ मनगढ़ंत आरोपों का इस्तेमाल किया जा रहा है और उन्हें पीड़ित से आरोपी बनाया जा रहा है।
पत्र में दानिश अली ने कहा था कि वह बिधूड़ी के खिलाफ उनकी शिकायत को भाजपा सांसद को कथित तौर पर उकसाने के लिए उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के साथ जोड़े जाने से हैरान हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि वह बिधूड़ी के खिलाफ त्वरित, सख्त और अनुकरणीय कार्रवाई की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन उन्हें दुख है कि पीड़ित को आरोपी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
21 नवंबर को नोटिस जारी
अली ने पत्र की एक प्रति सोशल मीडिया पर साझा की थी। पैनल ने अली और बिधूड़ी को 21 नवंबर को नोटिस जारी किया था। एक दिसंबर को अली ने पत्र लिखा था। बाद में सात दिसंबर को लोकसभा की विशेषाधिकार समिति ने बिधूड़ी और अली को अलग-अलग समय पर तलब किया। इससे पहले बिधूड़ी समिति के समक्ष पेश नहीं हुए थे और उन्होंने ऐसा करने में असमर्थता जताई थी। बिधूड़ी ने सितंबर में संसद के विशेष सत्र के दौरान अली के खिलाफ टिप्पणी की थी जब सदन में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता पर चर्चा चल रही थी।
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने बिधूड़ी द्वारा दानिश अली के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल से जुड़े मुद्दे पर सांसदों की शिकायतों को सितंबर में विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया था। दानिश अली और कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और द्रमुक की कनिमोई सहित कई अन्य विपक्षी सांसदों ने बिधूड़ी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। वहीं, निशिकांत दुबे जैसे कई भाजपा सांसदों ने कहा कि बसपा सदस्य ने दक्षिण दिल्ली के सांसद को सदन में बोलते समय 'उकसाया' और स्पीकर से इस पहलू पर भी गौर करने का आग्रह किया।