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BRO: 'देश निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे BRO और IOCL', पूर्व एडीजी ने की सड़क निर्माण एजेंसी की तारीफ

सार

आईओसीएल, बीआरओ की प्राथमिक तेल उत्पादों और बिटुमिन की 70-80 प्रतिशत आपूर्ति करता है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना के समय पर पूरा होने में प्रमुख भूमिका निभाता है।
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सीमा सड़क संगठन के समन्वय सम्मेलन में मौजूद अतिथि। - फोटो : अमर उजाला
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बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) पूर्व के अतिरिक्त निदेशक जनरल हरेंद्र कुमार ने कहा है कि बीआरओ और इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) दोनों संगठनों का देश के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बीआरओ की भूमिका को भारत के दूरदराज और रणनीतिक हिस्सों में प्राथमिक सड़क निर्माण एजेंसी के रूप में रेखांकित किया जबकि आईओसीएल ने प्राथमिक तेल उत्पाद, बिटुमिन और लुब्रिकेंट्स के रूप में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

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उन्होंने यह बात आज यहां बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा पूर्वोत्तर में चल रहे और भविष्य के परियोजनाओं पर चर्चा के लिए बीआरओ-आईओसीएल समन्वय बैठक का उद्घाटन करने के बाद कही। उल्लेखनीय है कि यह समन्वय बैठक बीआरओ ने आयोजित किया था। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने लेफ्टिनेंट कर्नल महेंद्र रावत ने बताया कि बैठक बॉर्डर बैठक में बीआरओ के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक में आईओसीएल के सीजीएम (एमसीओ) सत्येंद्र साही, जीएम (आईबी) डब्ल्यूबीएसओ देबब्रत बंधोपाध्याय और जीएम (आईबी) एओडीएसओ आरके के साथ अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

रावत ने बताया कि इस बैठक का उद्घाटन बॉर्डर रोड्स (पूर्व) के अतिरिक्त निदेशक जनरल हरेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने कहा कि आईओसीएल, बीआरओ की प्राथमिक तेल उत्पादों और बिटुमिन की 70-80 प्रतिशत आपूर्ति करता है, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में महत्वपूर्ण सड़क अवसंरचना के समय पर पूरा होने में प्रमुख भूमिका निभाता है। पिछले वर्ष में, आईओसीएल ने क्षेत्र में परियोजनाओं के लिए आवश्यक हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) का 84 प्रतिशत से अधिक और बिटुमिन उत्पादों का 51 प्रतिशत से अधिक आपूर्ति की।
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वर्तमान वर्ष के लिए, बीआरओ परियोजनाओं को पूर्वोत्तर में लगभग 33,327.64 केएल प्राथमिक तेल उत्पादों और 11,572.39 केएल बिटुमिन की आवश्यकता होगी, जिसमें आईओसीएल महत्वपूर्ण हिस्सा प्रदान करेगा। भौतिक चुनौतियों के बावजूद, विशेषकर मानसून सीजन के दौरान जब सीमित सड़क की पहुंच के कारण दूरदराज के स्थलों पर डिलीवरी मुश्किल होती है, तब भी बीआरओ और आईओसीएल आपूर्ति लाइनों को सुधारने और इन बाधाओं पार करते हैं।

समन्वय बैठक का उद्देश्य दोनों संगठनों के बीच सहयोग को मजबूत करना, किसी भी लंबित मुद्दों को संबोधित करना और परियोजना निष्पादन के लिए भविष्य की योजनाओं को तैयार करना था। बैठक में विशेष रूप से आपूर्ति श्रृंखला की चुनौतियों को हल करने पर जोर दिया गया। विशेषकर दूरदराज क्षेत्रों में पहुंचने के लिए छोटे बल्क पेट्रोलियम लॉरियों के तैनात करने के संबंध में बातचीत की गई।

रावत ने बताया कि एडीजी ने सभी प्रतिभागियों को क्षेत्र में परियोजनाओं के सुचारु निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए रचनात्मक चर्चाओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा, बीआरओ और आईओसीएल के बीच सहयोग पूर्वोत्तर राज्यों में कनेक्टिविटी और अवसंरचना विकास सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण आधार बना हुआ है।

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