असम और मिजोरम सीमा पर हिंसक संघर्ष के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक में दोनों राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस प्रमुखों ने राजमार्ग संख्या 306 के पास तटस्थ केंद्रीय बलों की तैनाती पर सहमत हो गए।
सूत्रों के अनुसार बैठक में यह भी फैसला हुआ कि दोनों राज्य केंद्र के साथ तालमेल से केंद्रीय शांति सुरक्षा बल की मदद करेंगे। साथ ही इस विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत जारी रखेंगे। इस आशय के समझौते पर दोनों राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारी ने हस्ताक्षर किए।
बता दें कि देश के इतिहास में ऐसा पहली बार है जब राज्य की सीमा को लेकर हिंसक झड़प का आरोप दो राज्यों असम व मिजोरम के मुख्यमंत्री एक-दूसरे पर लगा रहे हैं। असम पुलिस के छह जवानों की मौत के बाद दोनों राज्यों की पुलिस एक-दूसरे के खिलाफ खड़ी हो गई है।
वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और मिजोरम के मुख्यमंत्री ज़ोरामथांगा भी सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय भी एक्शन में आया है और मामले को सुलझाने के लिए संवेदनशील इलाके में सीआरपीएफ की चार टीमों को तैनात कर दिया गया है।
संवेदनशील इलाकों में सीआरपीएफ तैनात
जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय गृहमंत्रालय ने मामले को सुलझाने के लिए विशेष टीम गठित की गई थी। वहीं दोनों राज्यों को शीर्ष अधिकारी लगातार एक-दूसरे के संपर्क में थे। खुफिया विभाग के कई अधिकारियों ने भी सीमा पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया था। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों में सीरआरपीएफ की चार टीमों को तैनात करने के साथ ही 6 टीमों को तैयार रहने को कहा गया था।
इससे पहले दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री सोशल मीडिया पर गुहार लगाते हुए नजर आए थे जबकि घटना के एक दिन पहले ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शिलांग में आयोजित एक बैठक में सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों से मुलाकात की थी।