बॉम्बे हाईकोर्ट महाराष्ट्र के भाजपा विधायक नितेश राणे की अग्रिम जमानत याचिका पर 17 जनवरी को फैसला सुनाएगा। उन पर हत्या के कथित प्रयास के मामले के तहत मामला चल रहा है। बॉम्बे हाई कोर्ट ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार भाजपा विधायक नितेश राणे के खिलाफ सोमवार यानी 17 जनवरी तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकेगी।
इससे पहले महाराष्ट्र पुलिस ने कोर्ट में दावा किया कि हत्या के प्रयास के मामले में भाजपा विधायक नीतेश राणे की संलिप्तता साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। पुलिस ने यह भी कहा कि यह मामला किसी उपहास की घटना के कारण दर्ज नहीं किया गया है। .
सिंधुदुर्ग जिले की कंकावली पुलिस की ओर से पेश विशेष लोक अभियोजक सुदीप पासबोला ने राणे की अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त करने का अदालत से अनुरोध किया। राणे ने पिछले महीने पुलिस द्वारा उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास), 120 (बी) (आपराधिक साजिश) और 34 (साझा इरादा) के तहत दर्ज मामले में अग्रिम जमानत मांगी है।
भाजपा विधायक की याचिका पर मुंबई की मेयर को नोटिस
मुंबई। बांबे हाईकोर्ट ने भाजपा विधायक आशीष शेल्लार की अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के बाद मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब देने को कहा है। भाजपा विधायक के खिलाफ यह रिपोर्ट उन्हीं की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी।
जस्टिस पीबी वराले और जस्टिस एएस किलोर की पीठ ने शहर पुलिस का यह पक्ष स्वीकार कर लिया कि मामले की अगली सुनवाई से पहले आशीष शेल्लार के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी और न ही आरोप-पत्र दाखिल किया जाएगा। पिछले साल दिसंबर में मरीन ड्राइव थाना पुलिस ने मेयर की शिकायत के आधार पर आशीष शेल्लार के खिलाफ पत्रकार वार्ता के दौरान अपमानजनक टिप्पणियां करने का मामला दर्ज किया था।
मेयर ने कहा था कि 30 नवंबर को वरली थाना क्षेत्र की बीडीडी चॉल में सिलिंडर फटने से चार लोगों की मौत का जिक्र करते हुए शेल्लार ने उनके खिलाफ टिप्पणियां कीं।