बांग्लादेश में हिंदुओं के कार्यक्रमों पर हमले पर भारत की कड़ी नजर है। इस मामले में भारत सरकार बांग्लादेश की सरकार से सीधे संपर्क में है। वहीं अब देश में यह मुद्दा तेजी से उठने लगा है। भाजपा नेताओं ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं की धार्मिक स्वतंत्रता को कुचलने की कोशिश की जा रही है। वहीं उन्होंने नागरिकता संशोधन अधिनियम के महत्व की भी बात की।
भाजपा नेता अमित मालवीय जो पश्चिम बंगाल में भाजपा के सह-प्रभारी हैं, उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा कि जिस तरह बांग्लादेश में हिंदुओं की धार्मिक स्वतंत्रता को कुचला जा रहा है वह सीएए के महत्व को दोहराता है, और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सीएए का विरोध और इस हमले पर चुप रहना, बंगाल के हिंदुओं के लिए चिंता का विषय है।
सीएए कानून अभी देश में लागू नहीं हुआ है, जो बांग्लादेश और पाकिस्तान सहित कुछ पड़ोसी देशों के अल्पसंख्यकों को उनके धार्मिक उत्पीड़न के आधार पर नागरिकता प्रदान करता है।
सुवेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखा पत्र
पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी इस मामले को उठाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सहित अन्य लोगों को पत्र लिखकर बांग्लादेशी अधिकारियों के साथ कूटनीतिक रूप से इस दर्दनाक और शर्मनाक मुद्दे को उठाने का आग्रह किया।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि बांग्लादेश में कुमिला जिले, कॉक्स बाजार और नोआखली में मंदिरों और दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़, सोशल मीडिया के माध्यम से फैली अफवाहों के बाद निराशाजनक है। मां दुर्गा की मूर्तियों को अपवित्र करना सनातनी बंगाली समुदाय पर एक सुनियोजित हमला है।
भारत बांग्लादेश के अधिकारियों के संपर्क में
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि हमें बांग्लादेश में धार्मिक कार्यक्रमों पर हमलों की जानकारियां मिली हैं। हमने देखा है कि बांग्लादेश सरकार ने इसे लेकर सख्त कार्रवाई की है। दुर्गा पूजा कार्यक्रम भी वहां जारी हैं। बागची ने कहा कि हमारा उच्चायोग अधिकारियों के साथ संपर्क में है।