चुनाव तो 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा का है लेकिन इसके बहाने भाजपा 2024 की पिच भी तैयार कर रही है। इस पिच पर विकास का उछाल होगा तो आस्था के नाम पर स्विंग भी खूब पड़ेंगी। इसके लिए टीम भाजपा ने अपनी एक कोर कमेटी का गठन भी कर दिया है। जो अभी से 2024 में चुनावी रोड मैप तैयार करने लगा है। इस कमेटी के सदस्यों का काम उन योजनाओं पर नजर रखने के साथ उनको 2024 चुनाव से पहले तक पूरा करवाने का भी है जिनका प्रधानमंत्री शिलान्यास कर रहे हैं या राज्य और केंद्र सरकारें जिन बड़े प्रोजेक्ट को शुरू करने वाली हैं।
उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों का माहौल बनाने की शुरुआत तो भारतीय जनता पार्टी ने विकास के मॉडल के साथ की है। यही वजह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर से बने चुनावी माहौल से अब तक उत्तर प्रदेश में जितने दौरे किए हैं वह सभी विकास के नाम पर शुरू हुए प्रोजेक्ट के उद्घाटन और शिलान्यास से ही हुए हैं। इसमें कुछ प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ तो कुछ का उद्घाटन भी किया गया।
भारतीय जनता पार्टी से जुड़े एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि जिन प्रोजेक्ट का उद्घाटन हुआ उसका निश्चित तौर पर उत्तर प्रदेश के चुनाव में फायदा मिलेगा। वह कहते हैं कि जिन प्रोजेक्ट का शिलान्यास हुआ है उनमें ज्यादातर का उद्घाटन 2024 से पहले हो जाएगा। ऐसे में एक बात तो बिल्कुल साफ है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में विकास के नाम पर रखी गई आधारशिलाओं से 2024 का चुनाव भी सधेगा।
कमेटी के हर सदस्य की जिम्मेदारियां तय
भाजपा केंद्रीय नेतृत्व से जुड़े एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि पार्टी ने अपने तमाम राजनैतिक और आस्था के मुद्दों के साथ विकास को ही तरजीह दी है। भाजपा से जुड़े सूत्रों का कहना है कि जिन प्रोजेक्ट का शिलान्यास प्रधानमंत्री मोदी ने किया है उसकी गति पर नजर रखने के लिए पार्टी ने एक कोर कमेटी का गठन भी किया है। इस कोर कमेटी में केंद्रीय मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्यों के साथ-साथ राज्य स्तर के पार्टी पदाधिकारी भी शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की एक और कमेटी इन प्रोजेक्ट को न सिर्फ मॉनिटर करेगी बल्कि इस पर लगातार नजर भी रखेगी। कोर कमेटी से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य का कहना है कि जो प्रोजेक्ट 2024 तक शुरू होने हैं उनको और तेज गति देने के लिए कमेटी संबंधित मंत्रालय और अधिकारियों के संपर्क में भी रहेगी, ताकि किसी भी तरीके की कोई लापरवाही न हो। ऐसे सभी सदस्यों के पास किसी न किसी तरीके की जिम्मेदारियां हैं जो समय-समय पर पार्टी आलाकमान को अपना फीडबैक भी देती रहेंगी।
2024 में होने वाले लोकसभा के चुनावों से पहले कई अहम प्रोजेक्ट सिरे चढ़ चुके होंगे या चढ़ने वाले होंगे। बनाई गई कोर कमेटी के एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि यह सिलसिला लगातार चलता रहेगा। इसे लोकसभा या विधानसभा के चुनावों से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। यह जब पूरे होंगे तो निश्चित तौर पर किसी न किसी चुनाव के दौरान उद्घाटन और शिलान्यास होते रहेंगे। हालांकि सूत्रों का कहना है कि जिस तरीके से बीते कुछ महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई प्रोजेक्ट का शिलान्यास किया है वह 2024 से पहले सिरे चढ़ने शुरू हो जाएंगे।
हर प्रोजेक्ट की टाइम लाइन तय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास किया था। इस एयरपोर्ट का रनवे 2023 में शुरू होना है। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 18 दिसंबर को गंगा एक्सप्रेस वे का शिलान्यास करेंगे। इस प्रोजेक्ट को भी 2024 से पहले शुरू कर दिया जाएगा। इसके अलावा बुंदेलखंड में बनने वाले बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे का भी अगले महीने लोकार्पण किया जाएगा और 2024 से पहले एक बड़े फेज को न सिर्फ शुरू किया जाएगा बल्कि कनेक्टिंग एक्सप्रेस वे से जोड़ भी दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश में ही अगले 3 साल में कई और डोमेस्टिक एयरपोर्ट न सिर्फ बनाए जाएंगे बल्कि उनको भी शुरू करने की योजना है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मेट्रो को शुरू किया जाना है जिसकी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार हो चुकी है। सूत्रों के मुताबिक 2024 से पहले कई बड़े शहरों में मेट्रो की शुरुआत हो जाएगी। इसके अलावा उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर को भी पूरी तरह से शुरू कर दिया जाएगा। अगले 3 सालों के भीतर उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल भी इसी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में बननी शुरू हो जाएगी।
सूत्रों के मुताबिक सिर्फ यही नहीं बल्कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के बाद केंद्र सरकार की योजना है कि दिल्ली से उत्तर प्रदेश और उत्तर प्रदेश से बिहार होते हुए पूरे नॉर्थ ईस्ट को एक बड़े एक्सप्रेस से कनेक्ट किया जाए। इसके अलावा तय योजना के मुताबिक 2023 में ही राम मंदिर का निर्माण पूरा हो जाएगा। भारतीय जनता पार्टी विकास और आस्था के इस पूरे मॉडल के साथ 2024 की पिच अभी से तैयार करने लगी है।