संदेशखाली हिंसा को लेकर भाजपा ने कोलकाता में बुधवार से दो दिनों के लिए धरना प्रदर्शन शुरू किया है। उनका यह धरना प्रदर्शन हिंसाग्रस्त क्षेत्र में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओ द्वारा ग्रामीणों पर अत्याचार के खिलाफ है।
भाजपा की राज्य इकाई के शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में मायो रोड में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, "बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। संदेशखाली में जमीनों पर कब्जा करने और यौन उत्पीड़न के मामले इसका उदाहरण है।"
संदेशखाली हिंसा को लेकर प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा, "हमारी मांग आरोपी शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने की है। उनके खिलाफ कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाए।"
टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "लेकिन राज्य सरकार कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। पुलिस पिछले 12 वर्षों से उस इलाके में नहीं गई, लेकिन अब सैकड़ों पुलिसकर्मी उस इलाके में तैनात हैं। संदेशखाली की महिलाएं पिछले दो महीनों से न्याय की मांग कर रहीं है। हम अदालत की अनुमति से यहां विरोध करने के लिए बैठे हैं क्योंकि पुलिस हमें अनुमति नहीं दे रही थी।"
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, "राज्य की सीएम भी एक महिला है। संदेशखाली की सांसद भी एक महिला है। इसके बावजूद राज्य में महिलाओं के साथ ही सबसे ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है।"
क्या है मामला
कोलकाता से 100 किमी दूर सुंदरबन के सीमावर्ती इलाकों में बसा संदेशखाली में पिछले एक साल से हिंसा जारी है। दरअसल, गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।