क्रूज ड्रग पार्टी मामले में जब से कार्रवाई हुई है तब से भाजपा और महाराष्ट्र सरकार आमने सामने हैं। राकांपा नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को आरोप लगाया कि भाजपा और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) मुंबई में आतंकवाद फैला रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि जहाज से प्रतिबंधित दवाओं की कथित बरामदगी से संबंधित मामला फर्जी था, जो भी इस मामले में गिरफ्तारी हुईं वो सिर्फ व्हाट्सएप चैट के आधार पर की गई थी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय एजेंसी के जोनल निदेशक वानखेड़े की व्हाट्सएप चैट की जांच करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया।
मंत्री मलिक ने कहा कि जहाज पर छापे के बाद उचित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया था, जिसमें बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान के जेल में बंद बेटे आर्यन खान भी शामिल थे। साथ ही उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को बदनाम करने के लिए एनसीबी का इस्तेमाल किया जा रहा है।
आगे इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मलिक ने कहा कि अगले हफ्ते वे अपने दावे को पक्का करने के लिए सबूत पेश करेंगे। बता दें कि महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रस के गठबंधन की सरकार है।
क्रूज पार्टी पर आर्यन खान को गिरफ्तार किए जाने के बाद कुछ राजनेताओं ने एनसीबी पर भी सवाल खड़े किए थे। पिछले हफ्ते, राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने केंद्र पर भाजपा का विरोध करने वाले राजनीतिक दलों को निशाना बनाने के लिए ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी, प्रवर्तन निदेशालय, सीबीआई और आयकर विभाग का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
नवाब मलिक के दामाद समीर खान को भी एनसीबी ने इस साल की शुरुआत में ड्रग्स के एक मामले में गिरफ्तार किया था। उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया है। लेकिन शाहरुख के बेटे आर्यन खान की जमानत की याचिका को सेशंस कोर्ट ने आज खारिज कर दिया।
कोर्ट ने तमाम दलीलों को सुनने के बाद दोपहर करीब 2:45 बजे जज वीवी पाटिल कोर्टरूम में पहुंचे और सिर्फ दो शब्दों में ऑपरेटिव ऑर्डर सुनाया। उन्होंने कहा- बेल रिजेक्टेड। इस फैसले के साथ ही आर्यन को जेल में ही रहना होगा। अदालत ने कहा कि उसकी व्हाट्सएप चैट से प्रथम दृष्टया से पता चला कि वह ड्रग तस्करों के संपर्क में था।