कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
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बंगाल में चुनावी जंग चल रही है। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में हुई पीएम नरेंद्र मोदी की रैली ने सियासी पारा बढ़ा दिया। जवाब में उसी दिन, उसी वक्त राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सिलीगुड़ी में पद यात्रा पर निकल पड़ी। अब बीजेपी अपनी नई चाल चलने को तैयार है। सूत्रों की माने तो 12 या 13 मार्च को चुनावी घोषणा पत्र जारी किया जा सकता है।
दरअसल, पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा की अगुवाई में बीजेपी ने घोषणा पत्र के लिए एक यात्रा निकाली थी। करीब दो करोड़ लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य था ताकि घोषणा पत्र में बंगाल की जनता की सोच को उतारा जा सके। हालांकि सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस ने भी अबतक घोषणा पत्र जारी नहीं किया है। स्थानीय नेताओं के अनुसार मंगलवार को टीएमसी अपने पत्ते फेंकेंगी।
दूसरी ओर बीजेपी ने अबतक अपने सारे उम्मीदवार भी घोषित नहीं किए हैं। 6 फरवरी को पहले दो चरणों के चुनाव के लिए जारी हुई 57 प्रत्याशियों की लिस्ट में सुवेंदु अधिकारी सबसे बड़ा नाम हैं, जो नंदीग्राम सीट से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ ताल ठोकेंगे। याद हो कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 30 मई को पूरा हो रहा है।
राजनीतिक हिंसा के बीच सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच सीधा मुकाबला है। पिछले 10 सालों से सत्ता में काबिज ममता बनर्जी सरकार को उखाड़ फेंकेन के लिए बीजेपी ने एड़ी-चोटी का जोर लगा रखा है। पिछले विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को 211 सीटों पर विजय हासिल हुई थी जबिक भाजपा को महज तीन सीटों से संतोष करना पड़ा था। कांग्रेस को इस चुनाव में 44 सीटें और माकपा को 26 सीटें मिली थी।
पश्चिम बंगाल में पहले चरण के तहत राज्य के पांच जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर 27 मार्च को, दूसरे चरण के तहत चार जिलों की 30 विधानसभा सीटों पर एक अप्रैल, तीसरे चरण के तहत 31 विधानसभा सीटों पर छह अप्रैल, चौथे चरण के तहत पांच जिलों की 44 सीटों पर 10 अप्रैल, पांचवें चरण के तहत छह जिलों की 45 सीटों पर 17 अप्रैल, छठे चरण के तहत चार जिलों की 43 सीटों पर 22 अप्रैल, सातवें चरण के तहत पांच जिलों की 36 सीटों पर 26 अप्रैल और आठवें चरण के तहत चार जिलों की 35 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान होगा।