भारतीय जनता पार्टी ने रमेश विधूड़ी का टिकट काटकर मुस्लिम समुदाय में एक बड़ा संदेश दिया है। यह संदेश इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है कि मुसलमानों के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों को भारतीय जनता पार्टी नहीं बक्शने वाली। दरसल राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से लेकर भारतीय जनता पार्टी लगातार मुसलमानो को अपने हिस्से में जोड़ने के लिए बड़े कार्यक्रम चला रही है। केंद्र सरकार की यजनाओं से लाभान्वित मुसलमान के लिए भारतीय जनता पार्टी ने बड़े स्तर पर आयोजन किए हैं। हालांकि ऐसे में सवाल। यह भी उठ रहे हैं कि क्या अमरोहा के सांसद दानिश अली को निशाने पर लेने वाले दिल्ली के सांसद रमेश विधूड़ी का टिकट कटने से मुस्लिम वोट मिलेंगे।
सियासी जानकार भी इस बात को मानते हैं कि रमेश विधूड़ी का टिकट कटना मुस्लिम समाज में एक बड़े संदेश दने के तौर पर देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषक हरिओम तंवर कहते हैं कि दरसल रमेश विधूड़ी ने सांसद दानिश अली पर टिप्पणी करके पार्टी के मुस्लिम आउटरीच प्रोग्राम को धक्का पहुंचाया था। सूत्रों की मानें तो इस तरीके की टिप्पणी से पार्टी के कई बड़े नेता भी असहज हुए थे। देश के रक्षा मंत्री और पार्टी के वरिष्ठ नेता राजनाथ सिंह ने सदन में इस पूरे मामले में खेद भी व्यक्त किया था। सियासी जानकारों के मुताबिक उस वक्त यह माना जा रहा था कि रमेश विधूड़ी के बयान से पार्टी को फायदा होने वाला है। लेकिन अंदर खाने कहानी कुछ और ही चल रही थी। सूत्रों के मुताबिक जब पार्टी मुसलमान के एक विशेष तबके खासतौर से गरीबों और पसमांदा मुसलमान को अपने साथ जोड़ने का विशेष अभियान चला रही थी।
उस दौर में विधूड़ी के बयान से एम फैक्टर के लिए तैयार की जा रही सियासी पिच के गड़बड़ाने का अंदेशा हो गया था। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की ओर से मुसलमानों को जोड़ने के कार्यक्रम चल रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक वर्ग तक मिल रही सुविधाओ को ग्राउंड लेवल पर ले जा रही है। इसमें मुस्लिम समुदाय के लोग और उनकी बस्तियां भी शामिल हैं। पार्टी के बड़े-बड़े नेता हर तबके तक डेवलपमेंट का पूरा खाका तैयार कर सियासी पिच तैयार कर रहे हैं। राजनीतिक जानकार हरिओम तंवर बताते हैं कि ऐसी दशाओं में पार्टी कोई जोखिम नहीं लेना चाहती है। खास तौर से तब जब 2019 के लोक सभा चुनाव में भी भारतीय जनता पार्टी को एक विशेष मुस्लिम तबके के वोट मिले थे। अब तो पांच साल बाद डेवलपमेंट के और बड़े आधार पर पार्टी को मुसलमानों के वोट मिलने का अनुमान है।
राजनीतिक जानकारों की मानें तो एक टिकट काटकर।भारतीय जनता पार्टी ने मुसलमानों के एक बड़े तबके में सीधा संदेश तो दिया है। लेकिन यह कहना कि भारतीय जनता पार्टी को इससे मुसलमानों का बड़ा वोट मिलेगा इसमें संशय भी बना हुआ है। वरिष्ठ पत्रकार नासिर सिद्दीकी का मानना है कि दिल्ली के एक सांसद का टिकट काट देने से भारतीय जनता पार्टी पूरी तरह मुसलमानों की सियासत का ताना-बाना नहीं बन सकती है। हालांकि वह यह जरूर कहते हैं कि भारतीय जनता पार्टी ने बीते कुछ दिनों में पसमांदा समाज पर अपना पूरा फोकस किया है। उनका कहना है कि मुस्लिमों के इस तबके से भारतीय जनता पार्टी को केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ का सीधा फायदा मिलता हुआ नजर आ रहा है। यही वजह है कि भारतीय जनता पार्टी ने बहुत सोच विचार कर विवादित बयान देने वाले रमेश विधूड़ी का टिकट काटकर एक संदेश देने की कोशिश जरूर की है।
हालांकि मुस्लिम नेताओं का इस पूरे मामले पर कुछ अलग ही कहना है। कांग्रेस पार्टी के नेता सादिक अली कहते हैं कि रमेश विधूड़ी का टिकट उनके परफॉर्मेंस के चलते कटा है। मुसलमानो को लेकर की गई टिप्पणी से अगर टिकट कटता तो भाजपा के और भी बहुत से नेता निशाने पर होते। उनका कहना है कि अब यह एक नैरेटिव सेट किया जा रहा है कि मुसलमान नेता पर टिप्पणी करने वाले नेता का टिकट काटकर मुस्लिम समाज के लिए संदेश है। उनका आरोप है कि जातिगत समीकरणों के लिहाज से भारतीय जनता पार्टी ने मुसलमानों को किनारे कर दिया है। उनकी पार्टी ही सभी जातियों को एक साथ जोड़कर आगे बढ़ रही है।