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उच्च सदन में भाजपा मजबूत: 1990 के बाद राज्यसभा में पहली बार किसी पार्टी के 100 सांसद, 2014 चुनाव के बाद से लगातार बढ़ रही ताकत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amit Mandal Updated Fri, 01 Apr 2022 11:18 PM IST

सार

2014 के चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में बहुमत हासिल करने के बाद से 245 सदस्यीय राज्यसभा में भाजपा के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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Rajya sabha - फोटो : Amar Ujala


पंजाब में आप को मिलीं सभी पांच सीटें

पंजाब में आम आदमी पार्टी ने सभी पांच सीटों पर जीत हासिल की। जबकि राज्यसभा की वेबसाइट ने अभी तक नए सूची को अधिसूचित नहीं किया है। अगर नए चुनावों में उसे मिली तीन सीटों को मौजूदा 97 सीटों में जोड़ दिया जाए तो भाजपा की संख्या 100 तक पहुंच जाएगी। 2014 के चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकसभा में बहुमत हासिल करने के बाद से 245 सदस्यीय राज्यसभा में बहुमत से काफी कम होने के बावजूद भाजपा के सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 2014 में राज्यसभा में भाजपा की ताकत 55 थी और तब से लगातार बढ़ रही है क्योंकि पार्टी ने कई राज्यों में सत्ता हासिल की है।


1990 में कांग्रेस के सांसदों की संख्या घटकर 99 हो गई थी

पिछली बार किसी पार्टी के पास उच्च सदन में 100 या अधिक सीटें 1990 में थीं, जब 1990 के द्विवार्षिक चुनावों में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या गिरकर 99 हो गई थी। तत्कालीन सत्तारूढ़ कांग्रेस के पास इससे पहले 108 सदस्य थे। राज्यों में सत्ता छिनने और गठबंधन युग शुरू होने के बाद से कांग्रेस में गिरावट का दौर जारी रहा। 


हालांकि, भगवा पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है क्योंकि लगभग 52 और सीटों के लिए जल्द ही मतदान होगा और आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, राजस्थान, झारखंड जैसे राज्यों में उसे झटका लगने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश से भाजपा को थोड़ा लाभ मिलता दिख रहा है जहां वह 11 में से कम से कम आठ रिक्त पदों पर जीत हासिल कर सकती है। उत्तर प्रदेश के 11 सेवानिवृत्त राज्यसभा सदस्यों में से पांच भाजपा के हैं।

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