बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा और टीएमसी के कार्यकर्ताओं के बीच खासा तनातनी की स्थिति रही। इस दौरान खूनी हिंसा भी खूब हुई इसमें कई कार्यकर्ताओं की मौत भी हुई।
पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा में कथित रूप से टीएमसी कार्यकर्ताओं के हमले में घायल पराजित भाजपा उम्मीदवार की बुधवार को एक अस्पताल में मौत हो गई। दक्षिण 24 परगना जिले के प्रत्याशी की पत्नी और बेटे ने इसकी सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
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परिजनों ने बताया कि मागरहाट पश्चिम निर्वाचन क्षेत्र के प्रत्याशी धुरजाती साहा को मतगणना वाले दिन 2 मई को हुए हमले में सिर में गंभीर चोट लगी थी। स्थानीय टीएमसी विधायक गियासुद्दीन मोल्ला ने बताया कि उन्हें नहीं मालूम कि साहा पर किसने हमला किया था, क्योंकि वह उस समय मतगणना केंद्र के अंदर थे।
साहा की मौत के बाद अस्पताल पहुंचे भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने बताया कि उन पर स्थानीय टीएमसी विधायक के समर्थकों ने ही हमला किया था, जब देखा कि साहा मतों की गिनती में पिछड़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष उठाएंगे। उल्लेखनीय है कि चुनावी हिंसा पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद कलकत्ता हाईकोर्ट ने 19 अगस्त को चुनावों के दौरान हत्या और दुष्कर्म के सभी मामलों की सीबीआई जांच के आदेश दिए थे।