पैगंबर मोहम्मद वाले विवाद के बाद से पार्टी ने प्रवक्ताओं को फिलहाल टीवी चैनलों की परिचर्चा से दूर रहने को कहा है। पार्टी के आधिकारिक सूत्र के अनुसार गाइडलाइन में किस विषय पर बोलना है और किस विषय पर नहीं बोलना है, यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया जाएगा।
प्रवक्ताओं की विवादास्पद टिप्पणियों से उपजे विवाद से सतर्क हुई भाजपा अब मीडिया में बयान देने और टीवी परिचर्चा में भाग लेने वाले अपने नेताओं के लिए विस्तृत गाइडलाइन तैयार कर रही है। गाइडलाइन तैयार करने से पूर्व पार्टी ने अपने प्रवक्ताओं को धार्मिक मामले में विवादित टिप्पणियों से बचने और सरकार के विकास कार्यों तक ही अपनी बात सीमित रखने संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
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पैगंबर मोहम्मद वाले विवाद के बाद से पार्टी ने प्रवक्ताओं को फिलहाल टीवी चैनलों की परिचर्चा से दूर रहने को कहा है। पार्टी के आधिकारिक सूत्र के अनुसार गाइडलाइन में किस विषय पर बोलना है और किस विषय पर नहीं बोलना है, यह पूरी तरह से स्पष्ट कर दिया जाएगा। फिलहाल तय किया गया है कि भविष्य में अब पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ता और पैनलिस्ट ही परिचर्चाओं में हिस्सा ले पाएंगे। किस परिचर्चा में कौन हिस्सा लेगा यह पार्टी की मीडिया सेल तय करेगा।
जारी किए गए दिशा-निर्देश
गाइडलाइन तैयार होने से पहले प्रवक्ताओं के लिए कुछ दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसमें धार्मिक मामलों में टिप्पणी से बचने, किसी धर्म से जुड़ी शख्सियत या प्रतीकों के बारे में टिप्पणी से बचने के लिए कहा गया है। प्रवक्ताओं से परिचर्चा के दौरान पार्टी की विचारधारा और सिद्धांतों का हर हाल में ख्याल रखने और परिचर्चा में जाने से पहले संबंधित विषय पर पार्टी लाइन के बारे में स्पष्ट जानकारी हासिल करने को भी कहा गया।
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हर हाल में गरीब कल्याण योजनाओं पर रखें बात
पार्टी ने कहा, किसी भी परिचर्चा में पार्टी का नेतृत्व कर रहे पैनलिस्ट या प्रवक्ता सरकार की गरीब कल्याण योजनाओं पर अपनी बात जरूर रखें। विचारों को बिना उत्तेजित हुए संयमित भाषा में ही पेश करें।