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लालू के बेटे से भी गरीब हैं बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार

Tue, 03 Jan 2017 06:07 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, पटना 
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने कई मंत्रियों से गरीब हैं। यहां तक कि इस मामले में वो लालू प्रसाद के दोनों पुत्र से भी पिछड़ गए हैं। मुख्यमंत्री के पास महज 56 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है।
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मुख्यमंत्री के पास 42,566 रुपये नकद हैं। यह पिछले साल की तुलना में करीब दो हजार रुपये अधिक हैं। उनके तीन बैंक खातों में लगभग 78 हजार रुपये जमा हैं। उनके पास दो गाड़ियां (एक इको स्पोर्ट्स और एक हुंडइ की आइ 10 कार) भी है।

23 दिसंबर, 2016 को जारी दस्तावेज के मुताबिक मुख्यमंत्री के नाम पर न तो कहीं खेतिहर जमीन है और न ही पटना में उनके नाम कोई आवासीय भूखंड है। हां, दिल्ली में 1000 वर्ग फुट में बने एक फ्लैट, जिसकी वर्तमान कीमत 40 लाख रुपये है, इसके अलावा 10 गायें और पांच बछड़े हैं। वैसे संपत्ति के मामले में नीतीश अपने इकलौते बेटे से काफी पीछे हैं। उनके बेटे के पास एक करोड़ 11 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति है।
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बहरहाल, नीतीश कुमार की संपत्ति पिछले साल की तुलना में दो लाख कम हो गई है, जबकि बेटे निशांत की संपत्ति में 13 लाख रुपये की कमी आई है। ऐसे में व्यक्तिगत तौर पर आकलन करने पर मुख्यमंत्री से अधिक संपत्ति उनके मंत्रियों के पास दिखती है।
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तेजस्वी प्रसाद यादव के पास करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है

उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव के पास करीब डेढ़ करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है। वह पांचवें स्थान पर हैं। 2015-16 में उन्होंने 92 हजार 991 रुपये आयकर के रूप में जमा किए हैं। इनके छह बैंक खातों में करीब 16 लाख रुपये जमा हैं। तेजस्वी से धनवान उनके बड़े भाई व स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव हैं। उनके पास तीन करोड़  से अधिक की संपत्ति है।
 
मंत्रिपरिषद में सबसे अधिक संपत्ति वाले सहकारिता मंत्री आलोक मेहता हैं। उनके पास 6.36 करोड़ की कुल संपत्ति है। वहीं, परिवहन मंत्री चंद्रिका राय 6.20 करोड़ की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं, जबकि जल संसाधन मंत्री करीब साढ़े तीन करोड़ की संपत्ति के साथ तीसरे नंबर पर हैं। चंद्रिका राय के पास सबसे अधिक नकद है। उद्योग मंत्री जय कुमार सिंह नकदी के मामले में मुख्यमंत्री से पीछे हैं, लेकिन चल-अचल संपत्ति में सीएम से वह आगे हैं।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने लगातार छठी बार मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संपत्ति सार्वजनिक की है। 2010 में जब  नीतीश कुमार ने तीसरी बार सरकार का कामकाज संभाला था, तो उन्होंने अपनी और अपने मंत्रियों की संपत्ति को प्रत्येक वर्ष ऑनलाइन जारी करने की घोषणा की थी।
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