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Seat ka Samikaran: 2010 से लगातार जदयू को मिल रही जीत, ऐसा है कल्याणपुर विधानसभा सीट का चुनावी इतिहास

Fri, 25 Jul 2025 08:34 AM IST
संध्या इलेक्शन डेस्क, अमर उजाला

सार

बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज कल्याणपुर विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से जदयू के महेश्वर हजारी विधायक हैं। 
 
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बिहार चुनाव 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार विधानसभा चुनाव से जुड़ी हमारी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज आज बात  कल्याणपुर सीट की करेंगे। 2010 के विधानसभा चुनाव से पहले यह एक सामान्य सीट थी। 2008 में हुए परिसीमन के बाद इस अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। आरक्षित सीट बनने से पहले इस सीट से जीते ज्यादातर उम्मीदवार भूमिहार या कोइरी जाति से थे। 2010 में आरक्षित सीट होने के बाद यहां से तीन चेहरे जीते इनमें रामसेवक हजारी, मंजू कुमारी और महेश्वर हजारी शामिल हैं। महेश्वर हजारी 2020 में भी यहां से जीतकर विधानसभा पहुंचे।   
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कल्याणपुर सीट के बारे में जानें
बिहार के 38 जिलों में से एक समस्तीपुर जिला है। इस जिले में कुल दस विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें कल्याणपुर, वारिसनगर, समस्तीपुर, उजियारपुर , मोरवा, सरायरंजन, मोहिउद्दीननगर, विभूतिपुर, रोसेरा , हसनपुर विधानसभा सीट शामिल है। आज हम आपको कल्याणपुर विधानसभा सीट के बारे में बताएंगे। यह सीट समस्तीपुर लोकसभा सीट के अंदर आती है। समस्तीपुर लोकसभा में कुल 6 विधानसभा सीटें हैं। इसमें चार सीटें कल्याणपुर , वारिसनगर, समस्तीपुर, रोसेरा समस्तीपुर जिले की हैं। बाकि दो सीटें कुशेश्वरस्थान  और हायाघाट दरभंगा जिले की हैं। कल्याणपुर सीट 1967 के विधानसभा चुनाव में पहली बार अस्तित्व में आई थी।  

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1967: ब्रह्मदेव नारायण सिंह को मिली जीत 
1967 के विधानसभा चुनाव में कल्याणपुर सीट पर पहली बार चुनाव हुए। तब यहां से संघटा सोशलिस्ट पार्टी के ब्रह्मदेव नारायण सिंह को जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस के जेआर सिंह को 4,732 वोट से हरा दिया था।  दो साल बाद 1969 में  राज्य में फिर से विधानसभा चुनाव हुए। कल्याणपुर सीट से एक बार फिर से ब्रह्मदेव नारायण सिंह ने जीत दर्ज की। संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर मैदान में उतरे ब्रह्मदेव ने कांग्रेस की राम सुकुमारी देवी को 3,175 वोट से हरा दिया। 

1977: जनता पार्टी को मिली जीत
आपातकाल के बाद हुए विधानसभा चुनाव में कल्याणपुर सीट पर भी जनता लहर का असर दिखा। यहां से जनता पार्टी के बशिष्ठ नारायण सिंह को जीत मिली थी। उन्होंने कांग्रेस के राम नरेश त्रिवेदी को 19,761 वोट से हरा दिया था। 

 

1980: कांग्रेस ने की वापसी
1980 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस (आई) की राम सुकुमारी देवी को जीत मिली। उन्होंने जनता पार्टी उम्मीदवार और तत्कालीन विधायक बशिष्ठ नारायण सिंह को 3,154 वोट से हरा दिया। ये पहली बार था जब कल्याणपुर सीट से किसी महिला ने जीत दर्ज की थी। 

1985: बशिष्ठ नारायण सिंह ने की वापसी
1977 में जनता पार्टी से विधायक रहे बशिष्ठ नारायण सिंह और अगले चुनाव में कांग्रेस की उम्मीदवार से हार गए। लेकिन 1985 में वे लोकदल के टिकट पर फिर से  जीत दर्ज करने में सफल रहे। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार और तत्कालीन विधायक राम सुकुमारी देवी को 6,747 वोट से हरा दिया। 

1990: कांग्रेस को फिर मिली जीत 
1990 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से कांग्रेस को मिली। कांग्रेस के दिलीप कुमार राय ने जनता दल के बशिष्ठ नारायण सिंह को 2,013 वोट से हरा दिया था। 
 

1995: जनता दल को मिली जीत 
1995 में जनता दल की सीता सिन्हा ने कांग्रेस के दिलीप कुमार राय ने 31,178 वोट से हरा दिया था। दिलीप कुमार राय को पिछली बार ही कांग्रेस के टिकट पर जीत मिली थी। 
 

2000: समता पार्टी को मिली जीत 
2000 के विधानसभा चुनाव में फिर कल्याणपुर सीट से एक महिला उम्मीदवार को  जीत मिली। इस चुनाव में समता पार्टी की अश्वमेघ देवी ने राजद के आलोक कुमार मेहता को 4,475 वोट से हरा दिया था। 

2005: राजद की मिली जीत 
2005 में बिहार में दो बार चुनाव हुए थे। पहले चुनाव में राजद और दूसरे चुनाव में जदयू के जीत मिली थी। फरवरी 2005 में हुए चुनाव में राजद के अशोक प्रसाद वर्मा ने जदयू की अश्वमेध देवी को 3,353 वोट से हरा दिया था। 
अक्तूबर 2005 के चुनाव में फिर से मुकाबला राजद और जदयू के बीच में ही था। इस चुनाव में जदयू की अश्वमेध देवी ने राजद के अशोक प्रसाद वर्मा को 5,927 वोट से हरा दिया। 2009 के लोकसभा चुनाव में अश्वमेध देवी उजियारपुर लोकसभा सीट से जीत दर्ज करके लोकसभा पहुंच गईं। इसके बाद हुए उप-चुनाव में एक बार फिर राजद के अशोक प्रसाद वर्मा ने जीत दर्ज की। वर्मा ने जदयू के रणधीर कुमार को 19,029 शिकस्त दी। ये आखिरी चुनाव था जब कल्याणपुर सीट अनारक्षित थी। 
 

2010: जदयू को मिली जीत
2010 के विधानसभा चुनाव में कल्याणपुर सीट को आरक्षित कर दिया गया। 2010 के इस चुनाव में रामसेवक हजारी को जीत मिली। जदयू के टिकट पर उतरे हजारी ने लोजपा के बिश्वनाथ पासवान को 30,197 वोट से हरा दिया। यह रामसेवक हजारी की बहुत बड़ी जीत थी। 2012 में हजारी के निधन के बाद कल्याणपुर सीट पर उपचुनाव हुए। इस उपचुनाव में जदयू की मंजू देवी को जीत मिली। 

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2015: महेश्वर हजारी जीते 
2015 के विधानसभा चुनाव कल्याणपुर सीट से एक बार फिर जदयू को जीत मिली। यहां से जदयू के महेश्वर हजारी को जीत मिली। उन्होंने लोजपा के प्रिंस राज को 37,686 वोट से हरा दिया। 

2020: एक बार फिर जदयू की जीत
2020 में एक बार फिर से जदयू के टिकट पर महेश्वर हजारी को ही जीत मिली। उन्होंने भाकपा के रंजीत कुमार राम को 10,251 वोट से हरा दिया था।
 

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