केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन आज 12वें दिन में प्रवेश कर गया। किसानों के समर्थन में पूरा विपक्ष एकजुट हो गया है। ऐसे में सरकार को किसान नेताओं के बीच कई दौर की वार्ताएं भी हुई हैं, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। वहीं, किसानों ने प्रदर्शनों के बीच आठ दिसंबर को देशव्यापी भारत बंद का एलान कर दिया है। इसे लेकर केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए देशव्यापी परामर्श जारी किया है। इसमें सरकार ने कहा है कि बंद के दौरान सुरक्षा कड़ी की जाए और शांति सुनिश्चित की जाए। वहीं, कांग्रेस ने कहा है कि बंद के दौरान लोगों को होने वाली किसी भी समस्या के लिए केंद्र जिम्मेदार होगा।
इन सेवाओं को मिलेगी बंद से छूट
दिल्ली में ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किया भारत बंद का समर्थन
वहीं, दिल्ली में कुछ ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किसानों के भारत बंद को समर्थन दिया है। इस कारण शहर में यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, कई अन्य संघों ने किसानों के आंदोलन को अपना समर्थन देने के बावजूद सेवाएं सामान्य तौर पर जारी रखने का निर्णय लिया है।
नोएडा में धारा 144 लागू
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में छह दिसंबर,2019 से दो जनवरी, 2021 तक धारा 144 लागू की गई है। पुलिस उपायुक्त (कानून एवं व्यवस्था) आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा दो की उप धारा (जी) के अंतर्गत कोविड-19 के कारण फैल रही महामारी को आपदा घोषित किया गया है।
केंद्र ने ‘भारत बंद’ के लिए देशव्यापी परामर्श जारी किया
बंद को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने देशव्यापी परामर्श में कहा है कि राज्य सरकारों तथा केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासकों को सुनिश्चित करना चाहिए कि कोविड-19 दिशानिर्देशों का पालन किया जाए और सामाजिक दूरी बनाए रखी जाए। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को बताया गया है कि ‘भारत बंद’ के दौरान शांति और धैर्य बनाए रखा जाए और एहतियाती कदम उठाए जाएं ताकि देश में कहीं भी अप्रिय घटना नहीं हो। ‘भारत बंद’ का आह्वान किसान संगठनों ने किया है जो संसद के मॉनसून सत्र में लाए गए तीन कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। कांग्रेस, राकांपा, द्रमुक, सपा, टीआरएस और वामपंथी दलों जैसी बड़ी पार्टियों ने बंद का समर्थन किया है।
‘भारत बंद’ में शामिल नहीं होंगे व्यापारी, ट्रांसपोर्टर
व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) और ट्रांसपोर्टरों के संगठन आल इंडिया ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (एआईटीडब्ल्यूए) ने किसान संगठनों द्वारा मंगलवार को बुलाए गए ‘भारत बंद’ से अलग रहने की घोषणा की है। कैट ने सोमवार को कहा कि नए कृषि कानूनों के खिलाफ मंगलवार को किसानों के ‘भारत बंद’ के दौरान दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में बाजार खुले रहेंगे। वहीं एआईटीडब्ल्यू ने भी घोषणा की है कि ‘भारत बंद’ के दौरान परिवहन या ट्रांसपोर्ट क्षेत्र का परिचालन सामान्य बना रहेगा।
हमारा विरोध शांतिपूर्ण: राजेश टिकैत
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राजेश टिकैत ने कहा, हमारा विरोध शांतिपूर्ण है और हम इस तरह ही इसे जारी रखेंगे। कल का भारत बंद सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक है। यह हमारा विरोध दर्ज करने का सांकेतिक विरोध है। यह दिखाना है कि हम भारत सरकार की कुछ नीतियों का समर्थन नहीं करते हैं।
उन्होंने कहा, हम आम आदमी के लिए समस्याएं पैदा नहीं करना चाहते। इसलिए, हम सुबह 11 बजे बंद शुरू करेंगे, ताकि वे समय पर कार्यालय के लिए निकल सकें। कार्यालयों में काम के घंटे दोपहर 3 बजे तक समाप्त हो जाएंगे। एंबुलेंस, यहां तक कि शादियों जैसी सेवाएं भी हमेशा की तरह चल सकती हैं।