छत्तीसगढ़ में खुले रहे बाजार
इधर, छत्तीसगढ़ में राजधानी रायपुर समेत आसपास के जिलों में भारत बंद का असर नहीं दिखा। सभी बाजार आम दिनों की तरह ही पूरी तरह खुले रहे। राजधानी के बूढ़ापारा धरना स्थल में किसान संगठन के नेता जुटे और उन्होंने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया। किसानों के इस बंद को राज्य कांग्रेस पार्टी ने भी समर्थन दिया हैं। छत्तसीगढ़ कांग्रेस नेताओं का कहना है कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानून के विरोध और कृषि उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य की वैधानिक गारंटी का कानून बनाने के लिए है।
राजस्थान के कई शहरों में दिखा बंद का असर
किसानों के भारत बंद का असर राजस्थान के कुछ जिलों में दिखाई दिया। प्रदेशभर में किसानों के साथ मजदूर, छात्र, युवा, महिला, जन संगठन इस बंद में भागीदारी निभा रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने बंद को समर्थन दिया है। जयपुर, जोधपुर, अजमेर और उदयपुर सहित बड़े शहरों में बंद का आंशिक असर रहा। लेकिन सीकर, चुरू, श्रीगानगर, हनुमानगढ़ और झुंझ़ुंनू जिलों में शहरों एवं गांवों के कई बाजार बंद रहे। रोड़वेज और निजी बसों का संचालन आम दिनों की तरह हुआ। यातायात के साधनों को बंद में शामिल नहीं किया गया था। किसान मोर्चे की ओर से बुलाये गये बंद के एलान के बाद शेखावाटी के सबसे बड़े जिले सीकर में इसका व्यापक असर देखा गया है। सीकर शहर में मंगलवार सुबह से ही बाजार नहीं खुले। सीकर में किसानों के इस बंद को व्यापार संघ और निजी शिक्षण संस्थानों ने अपना पूरा समर्थन दिया है।
गौरतलब है कि किसान संगठन पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान पिछले साल नवंबर से दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार से तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। सरकार और किसान दोनों ही पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन इनका कोई नतीजा नहीं निकला है।