बंगलूरू के चर्चित रेणुकास्वामी हत्याकांड में कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा और उसकी दोस्त पवित्रा गौड़ा की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब यहां की एक अदालत ने दर्शन और पवित्रा सहित अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 12 सितंबर तक बढ़ा दी है।
3,991 पन्नों की प्राथमिक चार्जशीट दायर
दर्शन और पवित्रा सहित सभी 17 आरोपियों को राज्य भर की विभिन्न जेलों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 24वें अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। इससे पहले पुलिस ने पिछले हफ्ते 3,991 पन्नों की प्राथमिक चार्जशीट दायर की थी। इसमें कई बड़े चौंकाने वाले खुलासे किए गए थे।
बता दें, 11 जून को दर्शन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, तब से ही वह जेल में बंद हैं। वहीं, पवित्रा भी जेल में बंद हैं। दर्शन फिलहाल बेल्लारी जेल में बंद है। उन्हें अदालत की अनुमति लेकर परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार से यहां भेजा गया था। अदालत ने हत्या मामले में अन्य आरोपियों को राज्य की विभिन्न जेलों में स्थानांतरित करने की भी अनुमति दी थी।
कौन हैं अन्य आरोपी?
आरोपी पवन, राघवेंद्र और नंदीश अब मैसूर जेल में बंद हैं। वहीं जगदीश और लक्ष्मण शिवमोगा जेल में, धनराज धारवाड़ जेल में, विनय विजयपुरा जेल में, नागराज कलबुर्गी/गुलबर्गा जेल में और प्रदोष बेलगावी जेल में बंद हैं। तीन अन्य आरोपी पवित्रा गौड़ा. अनुकुमार और दीपक अभी भी यहां परप्पाना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में बंद हैं। चार आरोपियों रवि, कार्तिक, निखिल और केशवमूर्ति को पहले तुमकुर जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था और वे अभी भी वहीं बंद हैं।
दर्शन को जेल में विशेष सुविधाए जाने की प्रारंभिक जांच के बाद परप्पाना अग्रहारा जेल के मुख्य अधीक्षक समेत नौ जेल अधिकारियों को उनकी 'चूक' के चलते निलंबित कर दिया गया था। इसके अलावा, जेल अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्शन के खिलाफ तीन प्राथमिकी दर्ज की गई थीं।
यह है पूरा मामला
पुलिस सूत्रों के अनुसार, 33 वर्षीय रेणुकास्वामी अभिनेता दर्शन के बहुत बड़े फैन थे। उसने दर्शन की दोस्त पवित्रा गौड़ा को अश्लील मैसेज भेजे थे। इसे देखकर दर्शन को गुस्सा आया और यही गुस्सा रेणुकास्वामी की हत्या का कारण बना। उसका शव सुमनहल्ली में एक अपार्टमेंट के पास एक नाले में मिला था।
आठ जून को फैन क्लब का हिस्सा रहे आरोपियों में से एक राघवेंद्र ने रेणुकास्वामी को यह कहकर बुलाया कि अभिनेता उससे मिलना चाहते हैं और वहां आने पर उसकी हत्या कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, चित्रदुर्ग के मूल निवासी रेणुकास्वामी की मौत गंभीर चोट लगने और खून बहने की वजह से हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, रेणुकास्वामी चित्रदुर्ग का रहने वाला था। कई चोटों के कारण उसकी मौत हुई। पुलिस सूत्रों ने कहा कि रेणुकास्वामी की हत्या के मामले में पवित्रा भी एक आरोपी हैं। उन्होंने दावा किया जांच में यह साबित हो गया है कि उन्होंने रेणुकास्वामी की हत्या के लिए उकसाया और साजिश रची तथा अपराध में शामिल हुई।
कपड़ों पर खून, बिजली के झटके और 230 सबूत...
इस मामले में पुलिस ने बुधवार को चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। कन्नड़ अभिनेता दर्शन थुगुदीपा के कपड़ों और अभिनेत्री पवित्रा गौड़ा की जूती पर खून के धब्बे पाए गए थे। पुलिस ने चश्मदीदों के बयान सहित करीब 230 सबूतों को दर्ज करने वाली चार्जशीट पेश की है। बता दें, 11 जून को दर्शन को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, तब से ही वह जेल में बंद हैं। वहीं, पवित्रा भी जेल में हैं।
क्राइम सीन से ली गई तस्वीर भी शामिल
कोर्ट में पेश की गई चार्जशीट में पुलिस ने दर्शन और पवित्रा सहित 17 आरोपियों के कपड़ों पर खून के धब्बों की फोरेंसिक रिपोर्ट सहित 200 से अधिक परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का हवाला दिया है। इसमें क्राइम सीन से ली गई एक तस्वीर भी शामिल है, जिसमें रेणुकास्वामी को बचने के लिए विनती करते हुए देखा जा सकता है। हैरानी की बात ये है कि पवित्रा ने खुद जूती से रेणुकास्वामी की पिटाई की थी। वहीं, दर्शन के कपड़ों पर खून के धब्बे पाए गए थे।
पीड़ित को बेरहमी से पीटा गया था
रेणुकास्वामी की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से पता चला था कि उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। उनको प्रताड़ित करने के लिए बिजली के झटके दिए गए थे। उनके शरीर पर कई चोट के निशान थे। एक कान गायब था और अंडकोष फटे हुए थे। ये सारे सबूत इस बात की गवाही देते हैं कि रेणुकास्वामी को बुरी तरह मारा पीटा गया था, जिससे उनकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपियों ने उनकी लाश को ठिकाने लगा दिया था।
शरीर पर मिले 39 निशान
चार्जशीट में यह भी बताया कि दर्शन और पवित्रा के प्रताड़ित करने से रेणुकास्वामी के सीने की हड्डियां टूट गई थीं। उनके पूरे शरीर पर कुल 39 निशान हैं। पीड़ित के सिर पर भी गहरा कट है। बता दें, दर्शन और पवित्रा के अलावा 15 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
सबूत मिटाने की कोशिश
एक अन्य सूत्र का कहना है कि रेणुकास्वामी ने हत्या से पहले अनसुनी और अमानवीय यातनाएं सहन की हैं। चार्जशीट में कहा गया है कि हत्या करने के बाद दर्शन और अन्य आरोपियों ने शव को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने की कोशिश की। आरोपों से बचने के लिए अन्य व्यक्तियों को फंसाने की भी कोशिश की।
जेल में सुविधाएं लेने का भी आरोप
दर्शन को मामले में दूसरे आरोपी के रूप में नामित किया गया है, और उनकी कानूनी टीम जमानत याचिका पेश करने की तैयारी कर रही है। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि चूंकि उन पर जेल के अंदर लग्जरी से रहने के संबंध में तीन नए मामले दर्ज हैं, इसलिए जमानत मिलना आसान नहीं होगा।