कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि आंतरिक कलह के कारण तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की हालत खस्ता हो चुकी है। इसका असर पश्चिम बंगाल की लोकसभा सीटों पर पड़ रहा है। टीएमसी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। उन्होंने अपने इंडिया गठबंधन सहयोगियों के लिए कोई भी निर्वाचन क्षेत्र नहीं छोड़ा।
एक प्रेस कॉन्फेरेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, "आंतरिक कलह के कारण टीएमसी की हालत खस्ता हो गई है।" उन्होंने दावा किया कि टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी दिशाहीन हो चुकी है। अधीर रंजन ने कहा कि टीएमसी को एक सार्वजनिक बैठक के जरिए अपनी ताकत का प्रदर्शन करना पड़ रहा था, जो किसी राजनीतिक कार्यक्रम से कम नहीं था। उन्होंने कहा, "टीएमसी की खराब हालत का असर उनके उम्मीदवारों के चयन पर पड़ रहा है।"
अधीर रंजन ने दी ममता बनर्जी को चुनौती
कांग्रेस, सीपीआई(एम) के नेतृत्व वाला लेफ्ट फ्रंट और टीएमसी विपक्षी गुट इंडिया गठबंधन का हिस्सा है। इन सभी पार्टियों को पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी द्वारा आगामी लोकसभा चुनाव के लिए राज्य की सभी 42 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा से झटका लगा है। गुजरात के रहने वाले पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान को बहरामपुर से चुनावी मैदान में उतारने के सवाल पर अधीर रंजन ने कहा कि किसी भी नागरिक को देश के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है। बता दें कि 1999 से अधीर रंजन चौधरी इस क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं।
अधीर रंजन ने ममता बनर्जी से कहा, "मैं आपको चुनौती देता हूं दीदी। आपके कैडर आपके पक्ष में होंगे, लेकिन जनता का आशीर्वाद मेरे साथ है। मैं देखूंगा कि बहरामपुर से किसकी जीत होती है।" उन्होंने दावा किया कि चुनाव हारने के बाद वह राजनीति छोड़ देंगे। इसके साथ ही उन्होंने टीएमसी सुप्रीमो से भी यह वादा लिया।
टीएमसी की तरफ से उम्मीदवारों की घोषणा पर येचुरी ने दी प्रतिक्रिया
टीएमसी की तरफ से लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा करने पर सीपीआई(एम) के महासचिव सीताराम येचुरी ने प्रतिक्रिया दी है। टीएमसी के पश्चिम बंगाल में अकेले लोकसभा चुनाव लड़ने के फैसले पर येचुरी ने कहा, "सभी पार्टी को निर्णय लेने का अधिकार है। अगर टीएमसी ने एलान कर दिया है, तो यह स्पष्ट संकेत है कि अब बाकी पार्टियों को एकसाथ मिलकर तय करना है कि बंगाल में चुनाव कैसे लड़ना है।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारी लाइन हमेशा से स्पष्ट रही है। बंगाल में भाजपा और टीएमसी को हराने के लिए हम सभी धर्मनिरपेक्ष ताकतों को एकसाथ आने के लिए कह रहे हैं। हमारी अपील हमेशा लोकतंत्र को बचाने के लिए भारत और बंगाल में भाजपा को हराने की रही है।"
बता दें कि इंडिया गठबंधन से टीएमसी ने किनारा कर लिया है। इसी के साथ बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी ने अकेले चुनाव लड़ने की घोषणा की है। वहीं कांग्रेस नेताओं का कहना है कि वे राज्य में सीट शेयरिंग समझौता करना चाहते हैं।