वसंत मोरे ने कहा था कि पार्टी पदाधिकारी होने के नाते मुझे मनसे प्रमुख राज ठाकरे के मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर बंद कराने के रुख का समर्थन करना पड़ेगा। लेकिन, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे समावेशी नजरिया अपननाना होगा।
मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर अजान बजाने को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे के बयान से अलग विचार रखने वाले पार्टी की पुणे इकाई के पूर्व अध्यक्ष वसंत मोरे ने सोमवार को अपने सुर बदल लिए। उन्होंने कहा कि मुझे जो भी शंकाएं थीं उनका समाधान हो गया है और मैं पूरी निष्ठा के साथ पार्टी के साथ खड़ा हूं।
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मोरे ने कहा कि मैंने राज ठाकरे से मुलाकात की थी और उनके साथ हुई बातचीत से 100 फीसदी संतुष्ट हूं। उन्होंने कहा, 'मेरे सारे संदेह दूर हो गए हैं। राज ठाकरे साहब ने मुझे ठाणे में कल की रैली में शामिल होने के लिए कहा है। उन्होंने कहा कि मुझे रैली में सभी सवालों के जवाब मिलेंगे। मैं पहले दिन से मनसे के साथ हूं और हमेशा रहूंगा।'
राज ठाकरे ने दो अप्रैल को मुंबई के शिवाजी पार्क में गुडी पाडवा रैली के दौरान कहा था कि मस्जिदों में लाउडस्पीकर इतनी तेज आवाज में क्यों बजाया जाता है? अगर इस पर रोक नहीं लगी तो मस्जिदों के बाहर तेज स्पीकर लगाए जाएंगे और उनमें तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाई जाएगी। इसका मोरे ने हृदय से समर्थन नहीं किया था।
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वसंत मोरे ने कहा था कि पार्टी पदाधिकारी होने के नाते मुझे मनसे प्रमुख राज ठाकरे के मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकर बंद कराने के रुख का समर्थन करना पड़ेगा। लेकिन, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते मुझे समावेशी नजरिया अपननाना होगा। मोरे ने इसे 'तानाशाही रुख' बताते हुए कहा था मेरे लिए अपने वार्ड में इसे लागू करना मुश्किल होगा।
बता दें कि पूर्व पार्षद वसंत मोरे का कार्यकाल कुछ सप्ताह पहले ही पूरा हुआ है। वह जिस वार्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं, वहां मुसलमानों की अच्छी आबादी है।