अयोध्या में बन रहे मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल और रनवे का काम अंतिम चरण में चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जिस तरीके से एयरपोर्ट पर काम चल रहा है उससे अनुमान यही लगाया जा रहा है कि अगले दो महीने के भीतर इस हवाई अड्डे से संचालन किया जाने लगेगा। योजना यही है कि शुरुआती चरण में पांच बड़े शहरों से अयोध्या को सीधे तौर पर जोड़ा जाए। दिल्ली, मुंबई,, बंगलूरू, हैदराबाद और चेन्नई जैसे शहर शामिल हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि अयोध्या में शुरुआती चरण में इंडिगो, एयर इंडिया और स्पाइसजेट के अलावा विस्तारा की फ्लाइट को शुरू किए जाने की तैयारी चल रही है।
अयोध्या के एयरपोर्ट को लेकर डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) के अधिकारियों को भी अपडेट्स लगातार दिए जा रहे हैं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही अयोध्या के एयरपोर्ट का रनवे और टर्मिनल का काम पूरा हो जाएगा, उसके तुरंत बाद डीजीसीए से अनुमति लेकर उड़ानों को संचालित कर दिया जाएगा। शुक्रवार को बैठक के बाद अयोध्या के एयरपोर्ट पर काम में तेजी लाने के दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। एयरपोर्ट अथॉरिटी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, टर्मिनल अंतिम चरण में चल रहा है।
दरअसल, योजना के मुताबिक अयोध्या में राम मंदिर के शुभारंभ से पहले ही एयरपोर्ट और यहां के रेलवे स्टेशन को शुरू कर दिया जाएगा। ताकि देश और दुनिया भर से आने वाले लोगों के लिए पहुंचने की सुगम और उचित व्यवस्था हो सके। मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जिस तरीके से एयरपोर्ट पर काम चल रहा है उसे अनुमान यही लगाया जा रहा है कि नवंबर महीने में अयोध्या से पहली उड़ान शुरू हो सकती है। अक्टूबर में ही अयोध्या से उड़ान के लिए डीजीसीए से मंजूरी भी मिलेगी और उसी के साथ एयरलाइंस को अनुमति भी मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक पहली उड़ान एटीआर-72 जहाज से शुरू होने की संभावना है। इसके चलते एयरपोर्ट में रनवे और पावर ट्रांसमिशन का काम तेजी से पूरा हो रहा है। एयरपोर्ट से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक नवंबर महीने तक घरेलू फ्लाइट शुरू हो जाएंगी। एयरपोर्ट में रनवे और पावर ट्रांसमिशन का काम तकरीबन पूरा हो रहा है। अब तक उड़ानों के लिए महत्वपूर्ण रनवे का लगभग 90 फीसदी काम पूरा हो चुका है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर बनकर तैयार है। यात्रियों के लिए टर्मिनल बिल्डिंग का लगभग 75 फीसदी से ज्यादा काम पूरा हो गया है। इसके अलावा आइसोलेशन-वे, दो टैक्सी-वे और तीन एयर बसों की पार्किंग के लिए पार्किंग का एप्रन भी बन गया है।