एमवी केम प्लूटो पर पहुंचा ईओडी विशेषज्ञ दल
रक्षा अधिकारियों ने बताया कि एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि जहाज पर हमला करने के लिए इस्तेमाल किया गया हथियार मिसाइल था या ड्रोन। भारतीय तरक्षक बल ने वहां से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए क्षेत्र में गश्त भी बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि नौसेना के ईओडी (विस्फोटक आयुध निपटान) विशेषज्ञ दल एमवी केम प्लूटो पर पहुंचा। नौसेना की एक टीम व्यापारिक जहाज पर हुए हमले की जांच और आकलन कर रही है। नौसेना ने क्षेत्र में संदिग्ध जहाजों या गतिविधियों पर नजर रखने के लिए मध्य अरब सागर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी मजबूत की है।
भारतीय नौसेना ने तीन युद्धपोत तैनात किए
अधिकारियों ने बताया कि वाणिज्यिक जहाजों पर हाल में बढ़े हमलों के मद्देनजर अरब सागर में नौसेना ने तीन युद्धपोतों को तैनात कर दिया है। एमवी केम प्लूटो की जांच करने पहुंचे नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि हमले के क्षेत्र, मलबे का विश्लेषण ड्रोन हमले की ओर इशारा कर रहा है। आगे फोरेंसिक जांच और तकनीकी विश्लेषण की जरूरत है।
मलबे ड्रोन हमले के संकेत: नौसेना अधिकारी
ईओडी विशेषज्ञ दल ने अरब सागर में भारत के पश्चिमी तट पर ड्रोन की चपेट में आने के दो दिन बाद एमवी केम प्लूटो के मुंबई पहुंचने पर उसका व्यापक निरीक्षण किया। नौसेना के अधिकारियों ने कहा कि हमले के क्षेत्र और जहाज पर मिले मलबे के विश्लेषण से ड्रोन हमले की ओर इशारा मिलता है और सभी विवरणों का पता लगाने के लिए आगे के फोरेंसिक और तकनीकी विश्लेषण की आवश्यकता होगी।
पोरबंदर से 217 समुद्री मील की दूरी पर हुआ हमला
चालक दल के 21 भारतीय सदस्यों वाले वाणिज्यिक पोत पर शनिवार को पोरबंदर से करीब 217 समुद्री मील की दूरी पर हमला किया था, जिसके बाद भारतीय नौसेना और भारतीय तटरक्षक बल ने जहाज को सहायता प्रदान की थी। अधिकारियों ने बताया कि अरब सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हाल में हुए हमलों के मद्देनजर नौसेना ने क्षेत्र में युद्धपोत आईएनएस मोरमुगाओ, आईएनएस कोच्चि और आईएनएस कोलकाता को तैनात किया है। उन्होंने बताया कि लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान P8I को नियमित रूप से क्षेत्र में जागरूकता बनाए रखने का काम सौंपा जा रहा है।