आतंकवादी संगठन अल-कायदा ने माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या का बदला लेने की धमकी दी है। मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अल-कायदा ने सात पन्नों की एक मैग्जीन जारी कर अतीक-अशरफ हत्याकांड का बदला लेने के लिए भारत में हमले की धमकी दी है। आतंकी संगठन की धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
गोडसे के अनुयायी हैं अतीक अहमद के हत्यारे...
इस बीच एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को एक सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या करने वाले युवक महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के अनुयायी हैं। ये लोग वर्तमान सत्ताधारी दल के आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा हैं। ओवैसी ने पूछा कि इन लड़कों के खिलाफ यूएपीए क्यों नहीं लगाया गया। जैसा कि मीडिया बता रहा है कि अपराधी गरीब परिवारों से हैं, तो फिर उन्होंने आठ-आठ लाख रुपये की रिवाल्वर कैसे हासिल की। उन्हें गोली चलाने, सटीक निशाना लगाने, हत्या करने का प्रशिक्षण किसने दिया।
15 अप्रैल को हुई थी हत्या
गौरतलब है कि माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की 15 अप्रैल की रात प्रयागराज में पुलिस हिरासत में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय पुलिस दोनों भाइयों को मेडिकल जांच के लिए कॉल्विन अस्पताल लेकर पहुंची थी। जैसे ही दोनों पुलिस की वैन से उतरे, मीडियाकर्मियों ने उन्हें घेर लिया। तीन हत्यारे भी मीडियाकर्मी बनकर अस्पताल पहुंचे थे। इसी बीच, एक हत्यारे ने पिस्टल निकाली और अतीक अहमद के सिर पर सटाकर गोली मार दी। अतीक जैसे ही गिरा, तीनों हत्यारों ताबड़तोड़ फायरिंग कर अतीक के साथ-साथ उसके भाई अशरफ की भी हत्या कर दी। इसके बाद हत्यारे अरुण मौर्या, सनी और लवलेश तिवारी ने धार्मिक नारे लगाते हुए पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।