पार्टी नेता के मुताबिक, यदि यही चुनाव परिणाम आता है, तो इससे अमित शाह की करिश्माई क्षमता एक बार फिर सिद्ध हो जाएगी। जिस राज्य में पार्टी के लंबे शासन के बाद एंटी इनकमबेंसी फैक्टर ज्यादा मजबूत हो गया था, शाह की रणनीति ने न केवल उसको कमजोर करने का सफल प्रयास किया, बल्कि इसे बढ़त में भी तब्दील करने का काम किया। यह आश्चर्यजनक ही है।
उन्होंने कहा कि इसके पहले जब अमित शाह ने 2012 में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रभार संभाला था और 2014 के चुनाव में पार्टी को यूपी की 80 में से 73 सीटों पर सफलता मिली थी, तब वह भी किसी भी राजनीतिक दल या नेता के लिए आश्चर्यजनक था। मध्यप्रदेश में यदि पार्टी को एग्जिट पोल के अनुसार ही जीत मिलती है, तो यह उसी स्तर का अप्रत्याशित चुनाव परिणाम होगा।
एमपी जीते तो छत्तीसगढ़ भी जीतेंगे
भाजपा नेता ने कहा कि यदि मध्यप्रदेश के चुनाव परिणाम सही साबित होते हैं, तो हम छत्तीसगढ़ के चुनाव परिणाम भी जीतेंगे। इसका बड़ा कारण है कि छत्तीसगढ़ की चुनावी हवा कई मायने में मध्यप्रदेश जैसी है। यदि मध्यप्रदेश में कोई साइलेंट लहर चल रही थी तो जनता के बीच इसका असर छत्तीसगढ़ तक अवश्य पहुंचा होगा। इसका परिणाम छत्तीसगढ़ में भी जीत के रूप में मिल सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप, भाजपा की महिला केंद्रित योजनाएं और आदिवासी मतदाताओं के बीच मोदी की लोकप्रियता इसमें मददगार साबित हो सकती है।