पांच चुनावी राज्यों में कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा है। पश्चिम बंगाल में कांग्रेस शून्य पर सिमट कर रह गई है। इस करारी हार के बाद पार्टी में घमासान मच गया है। प्रियंका गांधी के विशेष सलाहकार कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने एक ट्वीट कर कांग्रेस के प्रभारी महासचिव केसी वेणुगोपाल का इस्तीफा मांगा है। उन्होंने सभी पांच चुनावी राज्यों के प्रदेश अध्यक्षों और प्रभारियों से भी तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है।
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि प्रदेश अध्यक्षों और महासचिव की जिम्मेदारी पार्टी को चुनावों में जीत दिलाना होता है। लेकिन इस चुनाव में ये सभी पदाधिकारी किसी भी राज्य में पार्टी को मजबूत जगह नहीं दिला सके। यहां तक कि पश्चिम बंगाल में जहां पार्टी एक मजबूत राजनीतिक ताकत हुआ करती थी, वहां भी वह शून्य पर आकर टिक गई है। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी को एक बार फिर से सत्ता में वापस लाना है तो इसके लिए सभी पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए और तत्काल अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।
कांग्रेस नेता प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि राहुल गांधी पार्टी में नैतिकता की राजनीति को प्रमुख जगह देना चाहते हैं। नैतिकता का यह पैमाना सबसे पहले पार्टी के पदाधिकारियों पर ही लागू होना चाहिए। पार्टी के शीर्ष पदों पर उन्हीं को रहना चाहिए जो पार्टी के लिए बेहतर परिणाम दे सकें। उन्होंने कहा कि इन नेताओं के इस्तीफों से कार्यकर्ताओं तक यही संदेश जाएगा कि अब पार्टी के पद केवल उन्हीं लोगों के लिए होंगे, जो पार्टी के लिए अच्छा परिणाम दिला सकें।
कांग्रेस नेता की इस मांग के कई मायने निकाले जा रहे हैं। राहुल गांधी पार्टी के उच्च पदों पर बैठे लोगों पर प्रदर्शन का दबाव बनाना चाहते हैं। वे लगातार खुद कड़ी मेहनत कर रहे हैं तो वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी यूपी में 'काम को ईनाम' वाली रणनीति अपना रखी है। उन्होंने पार्टी के संगठन में उन्हीं लोगों को जगह देना शुरू किया है जो पार्टी के लिए जमीनी स्तर पर संघर्ष कर रहे हैं। राहुल और प्रियंका दोनों का ही मानना है कि इस तरह से पार्टी में काम करने वाले अच्छे कार्यकर्ताओं को जगह मिल सकेगी और पार्टी वापसी करेगी।