पुरुलिया में भीड़ द्वारा साधुओं को पीटने के मामले में टीएमसी नेता शशि पांजा ने भाजपा के आरोपों पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा इस घटना को गलत तरीके से पेश करने और हमें बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
पश्चिम बंगाल के पुरुलिया में भीड़ द्वारा साधुओं की पिटाई करने से जुड़े वीडियो के वायरल होने के बाद भाजपा लगातार तृणमूल सरकार पर हमले कर रही है। इस घटना पर टीएमसी नेता शशि पांजा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि साधु वहां मौजूद तीन लड़कियों का अपहरण करने की कोशिश कर रहे थे।
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घटना को लेकर क्या बोलीं टीएमसी नेता
टीएमसी नेता शशि पांजा ने कहा, 'भीड़ ने साधुओं पर तीन लड़कियों का अपहरण करने की कोशिश का आरोप लगाया है। अपहरण की बात पर लोगों ने उन्हें (साधुओं को) पीटना शुरू किया था। साधुओं को पुलिस स्टेशन ले जाया गया है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।'
शशि पांजा ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि वह (भाजपा) हमेशा जवाबदेही से बचती है। पुरुलिया में भाजपा इस घटना को गलत तरीके से पेश करने और हमें बदनाम करने की कोशिश कर रही है।
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हालांकि, इस घटना पर पीड़ित साधुओं में से एक ने मीडिया को बताया कि जब वह गंगासागर की तरफ जा रहे थे, तब उनकी कार को भीड़ ने रोका और उनपर हमला कर दिया। हालांकि, पुलिस इस मामले में अब तक 12 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस सभी को रघुनाथपुर सब डिविजनल कोर्ट में पेश किया गया है।
भाजपा ने राज्य सरकार पर साधा था निशाना
भाजपा नेताओं ने साधुओं पर हुए हमले को पालघर घटना के जैसा बताया। उन्होंने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में हिंदू होना एक अपराध है। केंद्रीय मंत्री अमित मालवीय ने ममता सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि ममता बनर्जी के राज में शाहजहां जैसे आरोपियों को राज्य सरकार की तरफ से सुरक्षा दी जाती है और साधुओं की पीट-पीट कर हत्या की जा रही है।