असम के नगांव में एक शख्स को जिंदा जलाने का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यह पूरा घटनाक्रम जनसुनवाई के दौरान हुआ। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। वहीं, शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
यह है पूरा मामला
नगांव के एसडीपीओ एम दास ने बताया कि नगांव के बोल लालुंड इलाके में एक शख्स को जिंदा जलाने के मामले की जानकारी मिली है। बताया जा रहा है कि जनसुनवाई के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस ने दी यह जानकारी
पुलिस के मुताबिक, उन्हें जानकारी मिली कि जनसुनवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति हत्या के मामले में दोषी पाया गया था। इसके बाद उसे जिंदा जला दिया गया। वहीं, शव को दफना दिया गया। पुलिस ने लाश बरामद कर ली है। साथ ही, कुछ लोगों को हिरासत में ले लिया गया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने दावा किया कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
गुटखा चोरी के संदेह से अपमानित बालक ने की आत्महत्या
इस बीच असम के तामूलपुर जिले में कुछ छात्र नेताओं ने 15 वर्षीय एक लड़के की कथित तौर पर पिटाई की। इसके बाद लड़के ने आत्महत्या कर ली। लड़के पर एक दुकान से गुटखा के पैकेट चोरी करने का आरोप लगाया गया था। मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के मुताबिक, 31 मार्च को एक दुकान से गुटखा के पैकेट चोरी करने के आरोप में दो लड़कों को शनिवार दोपहर गोरेश्वर के पास नौकाटा इलाके में पब डेफेली अंचलिक छात्र संघ के कार्यालय ले जाया गया। छात्र नेताओं ने कथित तौर पर एक बैठक की और निष्कर्ष निकाला कि दोनों लड़के चोरी में शामिल थे। फिर उन्होंने लड़कों की पिटाई की और उनके परिवारों से पैसे की मांग की।
स्थानीय लोगों ने कहा कि एक लड़के को उसके परिवार द्वारा जुर्माने के रूप में 5,000 रुपये का भुगतान करने के बाद घर जाने की अनुमति दी गई, जबकि दूसरे लड़के की पिटाई जारी रही, क्योंकि उसके पिता तुरंत पैसे का भुगतान करने में असमर्थ थे। स्थानीय लोगों ने दावा किया कि अपमान सहने में असमर्थ लड़के ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।