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Assam: चर्चा में असम का K9 डॉग स्क्वायड, चुटकी में सुलझा दे रहा वन अधिकारियों के मुश्किल काम

Sat, 20 Aug 2022 12:18 PM IST
संजीव कुमार झा एएनआई, गुवाहाटी

सार

असम में इस समय जंगली शिकारी गैंडे का अवैध शिकार कर रहे हैं जिसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। लेकिन K9 डॉग स्क्वायड ने अब इन वन अधिकारियों का काम आसान कर दिया है।
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K9 डॉग स्क्वायड - फोटो : ANI
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विस्तार
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असम के राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में तैनात एक विशेष रूप से प्रशिक्षित डॉग स्क्वायड K9 इस समय सुर्खियां बटोर रहा है। दरअसल, असम में इस समय जंगली शिकारी गैंडे का अवैध शिकार कर रहे हैं जिसे पकड़ना मुश्किल हो रहा है। लेकिन K9 डॉग स्क्वायड ने अब इन वन अधिकारियों का काम आसान कर दिया है।  स्वतंत्रता दिवस 2022 के अवसर पर उन्हें पारंपरिक गामोसा और प्रशंसा सम्मानित किया गया था।

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अब तक 60 से अधिक शिकारियों का पता लगाने में सहायता की
भारत के अग्रणी जैव विविधता संरक्षण संगठनों में से एक, आरण्यक ने 2011 में जोरबा नाम के एक बेल्जियम मालिंस कुत्ते के साथ वन्यजीव अपराधों की जांच के लिए देश का पहला कुत्ता दस्ता स्थापित किया। जोरबा असम में विभिन्न राइनो संरक्षण क्षेत्रों में काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, पोबितोरा वन्यजीव अभयारण्य और ओरंग राष्ट्रीय उद्यान सहित आठ वर्षों से अधिक समय से अवैध शिकार विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से लगा हुआ था। इस अवधि के दौरान, जोरबा ने वन्यजीव अधिकारियों को राज्य में 60 से अधिक शिकारियों का पता लगाने में सहायता की है। वन्यजीव अपराध को रोकने के लिए जोरबा के अमूल्य योगदान के बारे में बोलते हुए, आरण्यक के सीईओ- डॉ बिभब कुमार तालुकदार- ने कहा कि इस विशेष नस्ल को उनकी अत्यधिक शिकार ड्राइव क्षमता के कारण आरण्यक के K9 दस्ते को स्थापित करने के लिए प्राथमिकता दी गई थी।

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