असम सीएम ने कहा कि 'घुसपैठियों को वापस भेजना, केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। ये राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। मैं असम में ये काम रोजाना करता हूं, अगर आप अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे तो फिर आप कुर्सी पर क्यों हैं?'
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने देश में हो रही अवैध घुसपैठ को लेकर गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने राज्य सरकारों पर वोटबैंक की राजनीति के चलते अवैध घुसपैठियों के खिलाफ कार्रवाई न करने का भी आरोप लगाया। असम सीएम ने कहा कि जनसांख्यिकी बदलाव उनके लिए जीने-मरने का मुद्दा है।
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असम सीएम ने लगाए गंभीर आरोप
रांची पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मीडिया से बात अवैध घुसपैठ को लेकर कहा कि 'घुसपैठिए पहले असम और पश्चिम बंगाल से घुसते हैं और फिर वहां से झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ पहुंचते हैं। झारखंड हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार को निर्देश दिया था वह घुसपैठियों की पहचान करे और उन्हें वापस भेजे। घुसपैठियों की पहचान करना और उन्हें वापस भेजने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की है। यह केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है। मैं असम में ये काम रोजाना करता हूं, अगर आप अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाएंगे और ये कहेंगे कि दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार को ये काम करना चाहिए तो फिर आप कुर्सी पर क्यों हैं? आपको कुर्सी छोड़ देनी चाहिए और फिर हम ये काम करके दिखाएंगे।'
'जनसांख्यिकी बदलाव जीवन-मरण का मामला'
असम सीएम ने जनसांख्यिकी बदलाव को लेकर कहा कि 'जनसांख्यिकी में बदलाव मेरे लिए बड़ा मुद्दा है। असम में मुस्लिम जनसंख्या आज बढ़कर 40 प्रतिशत हो गई है, जबकि साल 1951 में ये सिर्फ 12 प्रतिशत थी। हम कई जिले खो चुके हैं। यह मेरे लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं है। यह मेरे लिए जीने-मरने का सवाल है।'