अमस के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि रोहिग्यां केवल असम की समस्या नहीं, बल्कि ये राष्ट्रीय समस्या बन रहे हैं। ये लोग असम के रास्ते होते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम 2026 तक असम में बाल विवाह पर पूर्ण रूप से खत्म कर देंगे। मुख्यमंत्री ने डीएमके सांसद के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने अगर गौमाता राज्य कहा होता तो अधिक उपयुक्त होता। सरमा यहां एक पत्ररकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रोहिंग्या केवल असम की समस्या नहीं है। यह अब देश की सबसे बड़ी समस्या बन रही है। यह राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। इसलिए जब असम में मामला सामने आया और त्रिपुरा से कुछ दलाल गिरफ्तार हुए तो असम सरकार ने गृह मंत्रालय को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि असम सरकार ने ही इसकी एनआईए जांच की सिफारिश की थी। इसके बाद देश के विभिन्न राज्यों में छापेमारी हुई। असम और त्रिपुरा इसके ट्रांजिट रास्ते बन गए हैं।
एक सवाल के जवाब में हिमंत ने कहा कि असम में 2026 तक बाल विवाह को पूर्ण रूप से खत्म कर देंगे। 2026 के बाद असम में बाल-विवाह के मामले ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे। आगामी विधानसभा सत्र में हम बहु विवाह पर भी कानूनी रोक लगा देंगे।
डीएमके सांसद के बयान पर उन्होंने भारत को गौ माता का देश बताते हुए कहा कि सांसद को 'गौमाता' का इस्तेमाल करना चाहिए था। उन्होने कहा कि अभी हम इस पर ज्यादा चर्चा नहीं करेंगे, क्योंकि हमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तौर पर 2024 के आम चुनाव के लिए अगले तीन महीने तक काम करना है। मोदी जी को लोकसभा चुनाव में 350 से 400 सीटों के साथ जीत हासिल करनी है।