अफगानिस्तान मुद्दे पर असदुद्दीन ओवैसी के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री शोभा करंदलाजे का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि ओवैसी को अफगानिस्तान भेज देना चाहिए। वह वहां जाकर अपनी महिलाओं और अपने समुदाय की देखभाल करें।
शायर मुनव्वर राना के विवादित बोल
इससे पहले शायर मुनव्वर राना ने तालिबान का समर्थन किया। उनका कहना है कि तालिबानी लड़ाकों ने किसी मुल्क पर हमला नहीं किया बल्कि उन्होंने अमेरिका द्वारा अफगानिस्तान में अपनी सैन्य ताकत के बलबूते जो सरकार बनाई गई थी उसे ही उखाड़ फेंका है। इस तरह तालिबान ने तो अपने मुल्क को आजाद कराया है। मुनव्वर राना का कहना है कि जिस किस्म की क्रूरता अफगानिस्तान में है, उससे ज्यादा क्रूरता तो हमारे यहां भी है। पहले रामराज था, मगर अब काम राज है। भगवान राम से काम है तो ठीक है। उन्होंने कहा कि जितनी एके-47 तालिबान के पास नहीं होंगी, उतनी तो हिंदुस्तान के माफियाओं के पास हैं। तालिबानी तो हथियार छीनकर और मांगकर लाते हैं, मगर हमारे यहां माफिया तो खरीदते हैं।
तालिबानी आतंकी नहीं अग्रेसिव
मुनव्वर राना ने कहा कि तालिबान को आतंकवादी नहीं कह सकते, उन्हें अग्रेसिव (उग्र) कहा जा सकता है। तालिबान ने अपने मुल्क को आजाद करा लिया तो आखिर दिक्कत क्या है। अपनी जमीन पर कब्जा तो किसी भी तरह से किया जा सकता है।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
मुनव्वर राना के विवादित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क गया है। दिल्ली महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष बरखा शुक्ला सिंह ने ट्वीट कर कहा कि- मुनव्वर राना आप भी एक काम कीजिए। आप भी तालिबान ही चले जाइए। आपके लिए सबसे महफूज जगह तालिबान है। अपने बयानों को लेकर मुनव्वर राना ट्विटर पर ट्रेंड होने लगे। उन्हें हैशटैग करते हुए लोगों ने नाराजगी जताई। लोगों ने कहा कि मुनव्वर राना को अफगानिस्तान ही चले जाना चाहिए और तालिबान के साथ शायरी करनी चाहिए।