भारतीय सेना के खुफिया विभाग और पुणे पुलिस ने एक संयुक्त अभियान चलाकर सेना के एक भगोड़े को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति ने तीन युवाओं को सैना के अस्पताल में नौकरी दिलाने के नाम पर 29 लाख रुपये ठगे थे। आरोपी का नाम संदीप गौरव बताया गया है। उसने वर्ष 2020 में कोल्हापुर के तीन युवकों को सेना के अस्पताल में नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने तीनों युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र भी थमा दिए थे।
सतप्पा वागरे नाम के व्यक्ति ने दर्ज कराई शिकायत
पुलिस ने आगे बताया कि इस मामले में सतप्पा वागरे नाम के व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। आगे बताया गया है कि संदीप गौरव ने सतप्ता के भतीजे, पत्नी और पत्नी के भाई को सेना के अस्पताल में नौकरी दिलाने का वादा किया था। गौरव ने वर्ष 2003 में सेना की इलेक्ट्रॉनिक्स और मैकेनिकल इंजीनियर्स कोर (ईएमई) में शामिल हुए थे। इसके बाद सात वर्षों तक भगोड़ा रहने की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया। सतप्पा वागरे एक परिचित के माध्यम से संदीप गौरव से मिले थे।
वागरे ने आरोपी को 29.10 लाख रुपये दिए
पुलिस के अनुसार, वागरे ने संदीप से कहा कि उनका भतीजा सेना में नौकरी पाने के लिए तैयारी कर रहा है। इसके बाद संदीप गौरव ने वागरे के भतीजे, पत्नी और पत्नी के भाई को किर्की स्थित सेना के अस्पताल में चिकित्सा सहायक के रूप में नौकरी दिलाने का वादा किया। इसकी एवज में संदीप ने वागरे से 36 लाख रुपये की मांग की। एक अधिकारी ने आगे बताया कि इसके बाद वागरे ने संदीप को अलग अलग बैंक खातों के माध्यम से 29.10 लाख रुपये दिए। वर्ष 2021 के जुलाई महीने में संदीप ने वागरे को तीन फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए। जब वागरे को ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। अब पुलिस ने ठग को गिरफ्तार कर लिया है।