इस साल 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के पास विस्फोटकों से लदी एक एसयूवी मिली थी। ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन, जिसके नाम पर वह वाहन था, 5 मार्च को ठाणे में एक नाले में मृत पाया गया था।
एंटीलिया केस में आरोपी क्रिकेट बुकी नरेश गौर को एनआईए की विशेष कोर्ट से जमानत मिल गई है। गौर मामले में दूसरा आरोपी है। गौर को एंटीलिया बम कांड और मनसुख हिरन हत्या मामले में उनकी कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था। उस पर सिम सप्लाई और साजिश में शामिल होने का आरोप है। बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाजे इस मामले में मुख्य आरोपी है।
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विशेष अदालत के न्यायाधीश एटी वानखेड़े ने गौर की जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है। गौर ने अधिवक्ता अनिकेत निकम के माध्यम से दायर अपनी याचिका में कहा था कि सचिन वाजे के लिए सिम कार्ड खरीदना उसकी एकमात्र भूमिका थी। याचिका में उसने निर्दोष होने का दावा किया और आरोप लगाया कि उन्हें मामले में झूठा फंसाया जा रहा है।
याचिका में कहा गया कि केवल अनुमानों के आधार पर उसे एक आरोपी के रूप में शामिल किया गया है। उसने आगे कहा कि मनसुख हिरेन की हत्या में उसकी संलिप्तता दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है और वह कभी भी मृतक से नहीं मिला था या उससे कभी संपर्क नहीं किया था।
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इस साल 25 फरवरी को उद्योगपति मुकेश अंबानी के दक्षिण मुंबई स्थित आवास 'एंटीलिया' के पास विस्फोटकों से लदी एक एसयूवी मिली थी। ठाणे के व्यवसायी मनसुख हिरेन, जिसके नाम पर वह वाहन था, 5 मार्च को ठाणे में एक नाले में मृत पाया गया था।